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Wednesday, November 30, 2016

ज़िंदकी तेरे बादे झूठे है |

ज़िंदकी तेरे  बादे झूठे है |


हमने जिंदगी की खुसी के लिए जिंदगी को दाब पे लगा दिया
हमें खुसी तो ना मिल सकी पर अपने और गैरो का पता लगा लिया ||


ये ज़िन्दगी बड़ी बेबफा होती है
जब ज़िन्दगी से नफरत थी तो कर दिया था  जीने के लिए मज़बूर ||
और जब किसी से प्यार हुआ और प्यारी लगी ज़िन्दगी तो कर देती है अपनों से दूर |


मेने कभी सोचा ना था के ज़िन्दगी इतना भी कर देगी तंग ||
जिसके लिए अपनों से भी बैर लिया बो भी बक्त पर छोड़ देगी  संग |

ज़िन्दगी तेरी तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए ||
अब तो जीने की चाहत भी ना रही हमारे अपने हमे इतना रुला गए |


काश खुदा ने मुझे बानाया  ना होता , काश में दुनिया में आया ना होता ||
इस दुनिया में जीने के लिए तो प्यार बहुत जरूरी है काश खुदा ने नफरत को बानाया ही ना होता |


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