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Thursday, December 1, 2016

786 का मतलब ये होता है


HELLO FRIENDS.....


 क्या आप जानते हो की  786  का मतलब क्या होता है 
 नही...? 
तो कोई बात नही आज हम आपको बताएँगे की 786 आखिर क्या होती  क्या चीज़ है । 786 बैसे तो कोई इस्लामिक परम्परा का कोई जरूरी सब्द  नही है  जिसे जरूर लिखा जाये । और ना ही ये मुस्लमान धर्म से जुड़ा है | इस का मतलब ये है की जो पहले के  मुस्लमान जब भी कोई खत या कोई भी बात लिखते थे तो लिखने से पहले सुभकार्य के लिए बो बो एक दुआ यानि  मंत्र लिखते थे बो ये है 
     =>            "बिश्मिल्लाह हिर्रह मान निर्रहीम
जिसका मतलब है के " सिरु अल्लाह के नाम से जो बड़ा निहायत रहम बाला है | इस को लिखते थे | इस दुआ को अगर अरबी भासा में देखे तो इश्मे कुल में 21 अक्छर होते है 7 अक्छर बिश्मिल्लाह में 8 अक्छर हिर्रहमान में और 6 अक्छर निर्रहीम में । लेकिन अरबी भासा में गिने तब | तो मुशलमान जब किसी खत या अन्य कागज़ पर ये अरबी में पूरी लाइन लिखते तो इस लोग परेसानी जाहिर करते और जो भी लिखता उसे फिर सजा भी मिल जाती थी | तो इस बात को दिल में रखकर सिर्फ उनके जो अक्छर होते थे उतने अंक लिखना सिरु कर दिया और फिर इश्का चलन बात का चलन बढ़ता गया | इस अंक को लोग एक बरकत यानि शुभ कार्यो के लिए लिखते है और अब इस का चलन इतना है के लोग इस बात को दरबाज़ो घर और भी अपनी पसन्दीदा चीजो पर लिखते है |

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