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Monday, December 12, 2016

एक बहरे के चटपटे मन के बिचार

एक बहरे के मन के बिचार :-


एक गांब में एक बड़ा ही रहीश ब्यक्ति रहता था । उस की गांब में खूब जान पहचान थी । हर ब्यक्ति उसे बड़े अच्छे तरीके से जनता था । क्यों की गांब में सायद ही कोई ऐसा सख्स होगा जो की उस का कर्ज़दार ना हो ।
गांब के लोगो को जब भी धन की जरूरत होती और उन के पास न होता तो बो उस से क़र्ज़ ले लिया करते थे । और बो उनको ब्याज पर क़र्ज़ दे दिया करता था। बही गांब में एक बहरा रहता था
जो की बहुत ऊचा सुनता था । एक बार उस बहरे ने अपने बहरेपन से परेसान होकर सोचा की क्यों न सहर जाकर अपने कानो का ढंग से इलाज़ कराया जाये ? तो बहरे ने अपने पास जो भी रूपये थे इकट्ठे किये तो उस के पास कुल मिला कर पाँच सौ रूपये निकले तो उस ने बो पैसे लिए और चल दिया सहर की तरफ । बह सहर पहुचा और पता लगा के उस कानो की मसीन की कीमत जो है बो ढाई हजार रूपये है तो बो उदास मन से अपने गांब बापस आ गया और सीधा उस धनी ब्यक्ति के घर गया । जब बह घर पहुचा तो उसे पता लगा के उस धनी ब्यक्ति की तबियत खराब है । तो बह टेंसन में आ गया के अब क्या करे ? तो उशके मन में एक बिचार आया । उसने सोचा के क्यों ना उस का हाल चाल पूछा जाये और उस की थोड़ी तारीफ़ की जाये ......।
  मेरी बात तो बो सुन लेगा पर मै उस की बात को कैसे सुनूंगा ? बो क्या कहेगा ? और मैने उसे और कुछ गलत जाबाब दे दिया तो बो नाराज़ हो जायेगा । और मुझे पैसे भी नही देगा । तो क्यों ना मै कुछ ऐसी ही बाते पहले ही सोच कर जाऊ जिस का उत्तर बो बही देगा जो मुझे पहले से  पता हो ! और बो नाराज़ भी नही होगा । तो इस तरह की बाते सोच कर बो अपने मन ही मन कुछ बाते याद कर ली जो की उसे बहाँ बोलनी थी ।
 • सबसे पहली बात तो में उससे सलाम करूँगा । और उस की थोड़ी तारीफ करूँगा ।

• दुशरी बात मुझे के उस का हाल चाल पूछना है तो अब तो उस की तबियत ठीक ही होगी । तो बो कहेगा की ठीक है तो मै कहूँगा की ऊपर बाले का सुक्र है ।


• तीशरी बात में कहूँगा के कौनसे डॉक्टर का इलाज़ चल रहा है । क्यों की बड़ा आदमी है कोई अच्छे ही डॉक्टर का ही इलाज़ चल रहा होगा । तो में कहूँगा के बहुत अच्छा चलने दो इसी डॉक्टर का इलाज़ ये ही आपको ठीक कर सकता और किसी के चक्कर में ना पड़ना ।

• चौथी बात के मै कहूँगा के खाने में क्या खा रहे हो ?
तो अमीर आदमी है जाहिर सी बात है के खाने में अच्छी चीज़े और जो डॉक्टर ने बताई बही खा रहा होगा ।
तो मै कहूँगा बहुत अच्छा यही खाते रहना आपके लिए यहि खाना सबसे अच्छा है और इसी से ही आपकी बीमारी का पत्ता कटेगा ।
तो बो जब खुस हो जायेगा तब मै उससे उधार पैसे मांग लूंगा उसे बुरा भी नही लगेगा और मेरा काम भी हो जायेगा ।
तो बह बहरा पूरी तैयारी के साथ बहाँ जाता है और जोर से सलाम करता । क्यों की जो बहरा आदमी होता है उसे को लगता है के जैसे मुझे आबाज नही आ रही सायद मै बहुत धीमे बोल रहा हु । तो जब बह सलाम करता है तो सब एक दम घबरा जाते है के क्या हो गया ।और उस बहरे को देखकर सब चुप पड़ जाते है और बह उस बीमार आदमी के पास जाकर बैठ जाता है । फिर उस से बो अपने याद किये हुए पोइंटो को बोलना सिरु करता है
• आपकी तबियत कैसे है अब ?
बो अमीर आदमी बोलता है।
° ज्यादा खराब है कुछ भी आराम नही मिल रहा ।
• बहुत अच्छा बहुत अच्छा सुक्र है ऊपर बाले का के उसने आप पर अपना करम बनाये रखा ।
अमीर आदमी उस को बड़े ताज्जुब से देखता है के ये क्या बोल रहा है ?

•  इलाज़ कौनसे डॉक्टर का चल रहा है ?
° तो बह कहता है के अब तो कहॉ  डॉक्टरो की बस की है अब तो मौत के भगबान यानि यमराज ही आकर इलाज़ करेगा । यानि अब अंतिम छण है ।
• हाँ हाँ बिलकुल सही डॉक्टर को चुना है आपने आपका इलाज़ इसके इलाब और कोई नही कर सकता । तो इस बात पर अमीर आदमी को बहुत बुरा गुस्सा आता है

 • फिर पूछता है के खाने में क्या खा रहे हो ?
° गुस्से में कहता है के जहर खा रहा हु ।
• बहुत अच्छा ये ही खाना खाते रहो आपको जल्दी ही इससे फायदा मिल जायेगा । और ये खाना अच्छा भी होता है ।
तो अब तो अमीर आदमी का पारा सातबे आसमान पर पहुच गया । और उसने चिल्लाकर कर कहा के तू यहाँ क्यों आया है पहले ये बता ?
तो बहरे को अब आबाज आ जाती है और बो सोचता है की यह मेरी बातो से बहुत खुस हुआ है इस लिए मुझ से अब मेरा काम पूछ रहा है और अब ये मुझे पैसे दे देगा ।
तो बह कहता है साहेब मुझे कुछ पैसो की जरुरत है इस लिए मै आपके पास आया हु । तो बो अपने मुनीम को आबाज लगाता है
और कहता के इस को पैसे देकर भगा यहाँ से इसे । मुनीम उसे पैसे देता है बो पैसे लेकर बहार आता है तो बड़ा खुस होता है और अपने इस बिचार पर बहुत खुस होता है के मेने कैसे अपने दीमक का उपयोग कर के उसे खुस कर लिया और पैसे प्राप्त कर लिए ।

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