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मेहनत सफलता की कुंजी है बिना मेहनत के कुछ भी हासिल नही हो सकता




एक गुरु के पांच सिष्य थे गुरु ने उनको बहुत ही अच्छी सिक्छा दी थी । गुरु के सारे सिष्य बड़े हो गए थे और उनकी पढ़ाई भी पूरी हो गई थी अब गुरु ने सोचा के इनकी पढ़ाई भी पूरी हो चुकी है तो क्यों ना अब इनकी  परिक्क्षा ली जाये । गुरु ने उनकी परिक्क्षा लेने के लिए नए नए तरीके सोचे और बो उन सब में पास हो गए । तो गुरु ने कहा के शिष्यों अब आपकी एक अंतिम परिक्क्षा  है जो इस परिक्क्षा  में पास हो जायेगा अब वही मेरे साथ रहेगा  । तो गुरु ने उन्हें पांच लकड़ी की डलिया जो की छलनी जैसी थी
उन के हाथ में  थमाई और उनसे कहा के इन डलिया में जो नदी यहां से दो किलोमीटर दूर है बहाँ से पानी लेकर आओ । तो पहले तो सब सिष्य हँसे क्यों की बो समझ रहे थे की गुरु उन से माज़ाक कर रहा है । के इस डलिया में दो किलोमीटर दूर से कैसे पानी आएगा । तो गुरु के चिल्लाकर कहने पर बो डर गए और अपनी अपनी डलिया ले कर चल दिए । राश्ते में बो सोचते जा रहे थे की इस डालिये में पानी कैसे आएगा और बो ऐसे ही सोचते सोचते नदी तक पहुच गए
 और नदी पर जाकर और अपनी अपनी डलिया में पानी भरने लगे । लेकिन पानी नही आता । बो बहुत कोसिस करते लेकिन फिर निकल जाता । और अगर थोड़ा आ भी जाता तो जैसे ही लेकर चलते पानी राश्ते में ही निकल जाता । सब ने खूब मेहनत की लेकिन कोई परिणाम ना निकला । तो एक एक कर के चार सिष्य बहाँ से निकल लिए और अपने गुरु से जाकर बोले की गुरु जी ये काम हम से नही होगा क्यों की डलिया के अंदर कभी पानी आता है क्या गुरु जी आप भी हमें हर कुछ हुकम दे देते हों । गुरु उनकी बातों को सुन कर चुप रहे । लेकिन एक सिष्य जो की कभी गुरु की बात नही मानता था बो एक घटना के बाद गुरु की हर बात मानने लगा और बो अपने गुरु की बात दिल में पकड़ रखी के मेरे गुरु की बात कभी झूटी नही हो सकती । अगर उन्होंने हमें ये डलिया देकर भेजा है तो इस डलिया में पानी आएगा जरूर आएगा। और बो लगा रहा उस डलिया में पानी भरने । उसे उस डलिया में पानी भरते भरते साम और फिर साम से सुबहा हो गई लेकिन बो लगा रहा । तो फिर धीरे धीरे लकडियो का फूलना सिरु हो गया और जो डलिया में छेद थे बो लकड़ी फूलने के कारण बंद हो गए और एक बक्त ऐसा आया के उस डलिया में पानी रुकने लगा और आखिर में पूरी तरहा से रुक गया । तो फिर बो उस पानी को लेकर अपने गुरु  के पास गया । तब बो चार सिष्य बही थे और बो जब डलिया में पानी लेकर आया तो सब की आँखे फटी की फटी रह गई । उनकी समझ में कुछ नही आया के ये इस डलिया में पानी कैसे ले आया? लेकिन जब पता लगा के इस ने हार नही मानी तो इसे ये सफलता मिली  है । तो उनकी सारी बात समझ में आ गई  और उनके गुरु ने कहा की गुरु जी आप जो हमें हुकम देते हो बो सब सही देते हों हमे माफ़ कर दीजिए गुरु जी......
तो गुरु ने कहा की मेरे शिष्यो " मेहनत ही सफलता की कुंजी है " अगर इंसान मेहनत करे तो कैसी भी कठनाई हो इंसान उस में भी सफलता प्राप्त कर लेता है अगर आप सिरु में ही किसी मुसीबत से डर कर हार मान लेंगे तो फिर आप सफलता को प्राप्त नही कर सकते इस लिए मेरे बच्चो काम को छोड़ो मत चाहे बो काम तुम्हारे बस में नही है लेकिन लगे रहो आप जरूर सफलता प्राप्त कर लोगे......।
उन की बात समझ में आ गई बो बच्चा जो डलिया में पानी भर कर लाया बो गुरु का चाहिता 
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एक गरीब की दर्दनाक प्रेम कहानी ! A dangerous love story

दोस्तो प्यार कुछ चीज़ ही ऐसी बनाई है खुदा ने के जिस को एक बार हो जाता है ना तो उसे अपने महबूब की हर अदा पसंद आती है । 

महबूब की चाल , महबूब की आबाज,
महबूब की आँखे....
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रीनू बहुत ही बदमास और  नटखट किस्म की लड़की थी । जो कि हमेसा किसी को ना किसी को छोटी छोटी बात  पर सजा देती रहती थी । रीनू किसी पर भी दया नही करती थी । क्यो की उसे अपने पापा की इस ताकत पर घमण्ड था । बो इंसान को इंसान नही समझते थे । सब से दादागिरी से बात करना । बही दूसरी तरफ एक लड़का था जिस का नाम था सूरज


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मुहब्बत की एक अजीबो गरीब प्रेम कहानी ।

दोस्तो आज के इस युग मे आज से क्या बल्कि बहुत पहले से ही जब से ईशबर ने इंसान के सीने में दिल दिया है तब से और आज तक सायद ही ऐसा कोई इंसान हो जिस ने कभी ना कभी किसी से प्यार ना किया हो ....!चाहे बो कैसे भी और किसी भी रूप में हो ।
दोस्तो हर इंसान चाहता है के उस का  पार्टनर खूबसूरत और सुंदर होना चाहिए ।
कोई भी काला या बदसूरत पासन्द नही करता । पर आपको शायद ये पता नही के खूबसूरती तो चंद दिनों की होती है असल तो मुहब्बत कायम रहती है । पार्टनर चाहे कैसा भी हो लेकिन अगर उस के अंदर आपके लिए मुहब्बत है तो आपके पास दुनिया की सारी खुशियां है और मुहब्बत नही है तो उस के पास चाहे दुनिया की सारी दौलत हो लेकिन उस की ज़िंदगी  उसे अच्छी नही लगती ।
दोस्तो आज मैं आपके सामने एक ऐसी ही प्रेम कहानी लेकर आया हु जिसे पड़ कर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे ।
एक सहर में एक ब्यापारी का लड़का रहता था । जो कि बहुत ही नटखट था । बो बहुत ही सुंदर और चालाक था ।


 हमेसा मौज़ मस्ती । दिन भर दोस्तो के साथ रहना , खाना पीना , आशिकी और दिल लगी करना सब एक खेल सा था उस के लिए  लकडियाँ पटाना । उन से पैसे ऐठना सब उस के लिए आसान था । बो…

गरीब के दिल की ह्मदर्दी । कहानी एक सफर की

दोस्तो ये दुनिया बहुत बड़ी है । और इस दुनिया मे सब तरहा के लोग है ।



जैसे :- अमीर गरीब , काला गोरा , लाम्बा छोटा , मोटा पतला हर तरह के लोग रहते है और दिल सब के पास रहता है लेकिन ना जाने क्यों ये कमबख्त दिल है ना किसी किसी का सिर्फ धडकने का काम करता है और किसी किसी का दिल है जो दो काम करता है ।
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चलो मैं बताता हूं  कैसे दुसरो के लिए धड़कता है । गर्मियों के दिन थे । स्कूल की छुट्टियां सिरु हो गई तो मैने और मेरे कुछ दोस्तो ने कहि घूमने का पिलान बनाया ।

 मेने अखबार में देखा के एक बस घुमाने के लिए जा रही है जो कि 3 हजार रुपये में एक सप्तहा घुमाएगी । तो मैने मेरे तीन दोस्तो को ये बात बताई और हम तैयार हो गए । हम चारो ने अपने बैग तैयार कर के जयपुर हो लिए राबाना हो लिए  और उस बस बाले से जा मिले जो कि सात दिन के टूर पर जा रही था । हम  चारों ने तीन तीन हजार रुपये जमा करा दिए । हमारे आने से बस की सारी सीटे फुल हो गई और बस राबाना हो गई । मेरे तीन दोस्त एक सीट पर थे और में एक सीट पर बैठा था जिस पर एक अंकल और एक आंटी और एक उनका छोटा सा बेबी था ।…