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धुंए के साथ ज़िन्दगी काटने को मजबूर गरीब



धुंए से ज़िन्दगी को काटने पर मजबूर मजदूर....।
दोस्तों हम देखते है कि कई लोगो के पास बेसुमार पैसा होने पर बो अपनी खुआइसो को पूरा करने में लगे रहते है यहां से बहाँ जाना घूमना । जो मन में आये बो करना गरीबो की हसरतो के साथ खेलना । और हम खुद देखते है कि कई लोग अपनी जिंदगी को सफल बनाने के लिए ना जाने कितने बेगुनाहो की जिंदगी को मौत के मुह में डाहकेल देते है । जैसे की गरीबो की को नशे की आदत में मुब्तला (लगा) कर उन्हें नसे का आदि बना दिया जाता है फिर बो उस नसे का आदि हो जाता है और फिर बो अपने दोस्तों को और बो दुसरो को । इन से उनका ब्यपार तो चलता है लेकिन  उन गरीबो की ज़िंदगी का क्या हाल होता है कभी ये उस बात पर गौर नही करते । ज़िन्दगी का हर लम्हा उन के लिए मौत से बदतर होता चला जाता है । खूब अच्छी तरहा मालूम होने के बाबजूद भी ।  क्यों किसी की ज़िंदगी को नर्क बनाते है ये ? 
गरीब की ज़िंदगी ऐसी है के रातो को बहार सो रहा है सर्दी पड़ रही है हर लम्हे अपनी मौत का इंतज़ार करता है । क्यों की उसे अपना सर छुपाने के लिए कोई जरिया नही है अपना तन छुपाने के लिए बदन पर कपडा नही है करे तो क्या करे ? उस बक्त उस के दिमाक में एक ही बात आती है के कास में पैदा ही नही हुआ होता । मेरी भी कोई जिंदगी है ? हर लम्हा बड़ी कठनाइयों के साथ गुजरता है सोचो अगर इन की थोड़ी सी मदत हो जाये तो ये बेचारे भी अपना जीबन खुसी के साथ बिता सकते है । तो भाइयो गरीबो पर दया करो और उनकी तकलीफों को समझो । क्यों की उनका भी जीने का हक़ इस धरती पर । अपने सुआर्थ के लिए किसी की भाबनाओ के साथ ना खेलो । 
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एक गरीब की दर्दनाक प्रेम कहानी ! A dangerous love story

दोस्तो प्यार कुछ चीज़ ही ऐसी बनाई है खुदा ने के जिस को एक बार हो जाता है ना तो उसे अपने महबूब की हर अदा पसंद आती है । 

महबूब की चाल , महबूब की आबाज,
महबूब की आँखे....
दोस्तो उस की तारीफ तारीफ किये जाता है लेकिन बो.....  जो बाकई अपने महबूब से प्यार करता हो । तो उसे अदा पंसद आती है ।
बर्ना आपको तो खूब पता है के आज के नौ जबानों को क्या पसंद आती है ।
चलो जाने दो हम तो हमारी कहानी पर आते है ।
दोस्तो आज मैं एक ऐसी ही कहानी लाया हूं जिसे सच मे पड़ कर आप बर्दास्त नही कर पाएंगे ।
तो चलो अपनी कहानी पर आते है ।

एक शहर में एक बहुत बड़ा  business man  रहता था जो कि साथ मे नामी गुंडो से मिला जुला था । यानी उस की गिनती दबंगो में होती थी । सब उस से डरते थे । उस की एक लड़की जिस का नाम था रीनू । 





रीनू बहुत ही बदमास और  नटखट किस्म की लड़की थी । जो कि हमेसा किसी को ना किसी को छोटी छोटी बात  पर सजा देती रहती थी । रीनू किसी पर भी दया नही करती थी । क्यो की उसे अपने पापा की इस ताकत पर घमण्ड था । बो इंसान को इंसान नही समझते थे । सब से दादागिरी से बात करना । बही दूसरी तरफ एक लड़का था जिस का नाम था सूरज


 सूरज था तो एक…

मुहब्बत की एक अजीबो गरीब प्रेम कहानी ।

दोस्तो आज के इस युग मे आज से क्या बल्कि बहुत पहले से ही जब से ईशबर ने इंसान के सीने में दिल दिया है तब से और आज तक सायद ही ऐसा कोई इंसान हो जिस ने कभी ना कभी किसी से प्यार ना किया हो ....!चाहे बो कैसे भी और किसी भी रूप में हो ।
दोस्तो हर इंसान चाहता है के उस का  पार्टनर खूबसूरत और सुंदर होना चाहिए ।
कोई भी काला या बदसूरत पासन्द नही करता । पर आपको शायद ये पता नही के खूबसूरती तो चंद दिनों की होती है असल तो मुहब्बत कायम रहती है । पार्टनर चाहे कैसा भी हो लेकिन अगर उस के अंदर आपके लिए मुहब्बत है तो आपके पास दुनिया की सारी खुशियां है और मुहब्बत नही है तो उस के पास चाहे दुनिया की सारी दौलत हो लेकिन उस की ज़िंदगी  उसे अच्छी नही लगती ।
दोस्तो आज मैं आपके सामने एक ऐसी ही प्रेम कहानी लेकर आया हु जिसे पड़ कर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे ।
एक सहर में एक ब्यापारी का लड़का रहता था । जो कि बहुत ही नटखट था । बो बहुत ही सुंदर और चालाक था ।


 हमेसा मौज़ मस्ती । दिन भर दोस्तो के साथ रहना , खाना पीना , आशिकी और दिल लगी करना सब एक खेल सा था उस के लिए  लकडियाँ पटाना । उन से पैसे ऐठना सब उस के लिए आसान था । बो…

गरीब के दिल की ह्मदर्दी । कहानी एक सफर की

दोस्तो ये दुनिया बहुत बड़ी है । और इस दुनिया मे सब तरहा के लोग है ।



जैसे :- अमीर गरीब , काला गोरा , लाम्बा छोटा , मोटा पतला हर तरह के लोग रहते है और दिल सब के पास रहता है लेकिन ना जाने क्यों ये कमबख्त दिल है ना किसी किसी का सिर्फ धडकने का काम करता है और किसी किसी का दिल है जो दो काम करता है ।
एक तो खुद के लिए धड़कता और एक दुसरो के लिए ।
कैसे....????
चलो मैं बताता हूं  कैसे दुसरो के लिए धड़कता है । गर्मियों के दिन थे । स्कूल की छुट्टियां सिरु हो गई तो मैने और मेरे कुछ दोस्तो ने कहि घूमने का पिलान बनाया ।

 मेने अखबार में देखा के एक बस घुमाने के लिए जा रही है जो कि 3 हजार रुपये में एक सप्तहा घुमाएगी । तो मैने मेरे तीन दोस्तो को ये बात बताई और हम तैयार हो गए । हम चारो ने अपने बैग तैयार कर के जयपुर हो लिए राबाना हो लिए  और उस बस बाले से जा मिले जो कि सात दिन के टूर पर जा रही था । हम  चारों ने तीन तीन हजार रुपये जमा करा दिए । हमारे आने से बस की सारी सीटे फुल हो गई और बस राबाना हो गई । मेरे तीन दोस्त एक सीट पर थे और में एक सीट पर बैठा था जिस पर एक अंकल और एक आंटी और एक उनका छोटा सा बेबी था ।…