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खुदा के घर देर जरूर है पर अंधेर नही है । जानिये कैसे....????


दोस्तों बक्त हर किसी का एक दिन आता है  हर इंसान को यहां तक की हर जानबर को भी एक दिन उस का हक़ मिलता है उसे भी एक दिन अपना न्याय मिलता है । बस थोड़ा बक्त जरूर लगता है उसे । अगर किसी जानदार चीज़ (जीब जन्तु) ने किसी दुशरी जानदार चीज़ पर जुल्म किया है तो उसे अपने किये की सजा इसी दुनिया में भी एक दिन जरूर मिलती है । की में बताता हूं आपको कैसे ?
की मेरी आँखों देखी हुई बात है के हमारी कॉलोनी में कई कुत्ते थे तो उस में एक कुत्ता मुझे पासन्द था जिस का नाम मेने सेरु रखा था । जब बो छोटा था तो में उसे दूध दही और भी अच्छी अच्छी चीज़े खिलाता था तो बो और कुत्तो के मुकाबले बड़ा ताकतबर हो गया और बो उस ताकत का गलत स्तमाल करने लगा । बो इतना हरामी हो गया था के उस को कोई भी कुछ करता तो बो उसे सीधा खाने दौड़ता । बो कॉलोनी में हर किसी को काठ लेता था यहां तक की बो मुझे ही कभी कभी काठ लेता था तो मुझे उससे नफरत हो गई और जब भी कोई उन सब कुत्तो को कुछ खाने के लिए डालता तो बह सब पर भारी पड़ जाया करता और किसी को नही खाने देता था पूरे माल को अकेला ही खा जाता था और अगर बच भी जाता तो उस पर  toilet  पिसाब कर देता । जिससे और कोई भी नही खा सकता । सभी को मारता और सताता । जब चाहे जिसे मारता । हर चीज़ जो उसे पासन्द होती बो उसी की होती और कुत्ते बेचारे भूखे ही रहते । लेकिन जब उस का जुल्म बहुत ज्यादा बढ़ गया तो कुदरत ने अपने नियम के अनुसार उसे सजा दी तो उस कुत्ते के सर में जरा सी फुंसी हुई । फिर फुंसी के बाद उस के सर का सड़ना सिरु हो गया । धीरे धीरे कर के उस का सरीर इतना शड गया के उस ने खाना पीना छोड़ दिया जहां कही भी बह बैठता तो लोग उसे भगा देते फिर उस के सरीर ने भी सड़ना सिरु किया अब उस के पैर भी शड गए के घिसड घिसड के चलता था । चारो तरफ से शड गया था के अब उस की इतनी हालत खराब के उसे हर लम्हा अपनी मौत को याद करना पड़ रहा था पर मौत नही आ रही तड़प तड़प के उस का बक्त निकल रहा था यदि उस को कुछ खाने के लिए कोई चीज़ डालते तो उस को खा भी  नही पाता था भूका पड़ा रहता था लेकिन मौत नही आ रही ....। दोस्तों इसी हालत में उसे बहुत दिन तड़पने के बाद मौत आई थी । क्यों की उसने अपने साथियों पर जूल्म किया था और उसे ये सजा उस जुल्म की मिली थी मै भी इस चीज को मानता हूं । दोस्तों और मैने अपनी इस छोटी सी उम्र में बहुत से ऐसे लोगो को देखा जो की जुल्म करते थे लेकिन जब उन की मौत आई तो उनका भी हाल इसी कुत्ते जैसा हुआ था । दोस्तों मै नही आप भी अपने जीबन के गुजरे हुए कल के जुल्म करने बालो को याद करो जो की अब मर चुके हो और सोचो की उनकी मौत कैसे हुई ...?
क्यों की ये मै नही जमाना कहता है के......
जैसी करनी बैसी भरनी नी माने तो कर के देख
             और
जन्नत (सुआर्ग) भी  है और दोज़ख(नर्क) भी है नी माने तो  मर के देख ।।
जी हां दोस्तों एक दिन हर जुल्म करने बाले का अंत जरूर आता है उसे सजा जरूर मिलती है ।  की जिस ने ये जहां बनाया है बो हर इंसान के साथ न्याय करता है  बस जिस  के साथ जुल्म हुआ हो और उसे दुनिया की अदालत ने इन्साफ नही मिला हो तो उस को फ़िक्र नही करनी चाहिए क्यों की कोई है जो इस कायनात को चला रहा है बो इसे दुनिया की अदालत से अच्छा इन्साफ देगा । बस अपने बक्त का इंतज़ार कर और  इंसान को चाहिए की थोड़ा सब्र करे ।
 क्यों की बड़े कहते है न के ...
सब्र कर बन्दे मुसिबत के दिन गुजर जाएंगे और जुल्म करने बाले एक दिन अपने किये पर बहुत पछतायेंगे  दोस्तों अगर कोई दबंग इंसान ये सोचता है के मेरा कोई कुछ नही कर सकता क्यों की मेरी पहुच बहुत ऊँची है तो उस की सोच गलत है क्यों की .....
खुदा के घर देर जरूर है पर अंदेर नही है ।
की खुदा कभी कभी थोडी देर जरूर कर देता है न्याय करने  में लेकिन न्याय जरूर करता है और गुनाह गार को सजा जरूर मिलती है । इंसान यदि किसी पर जुल्म करता है तो उसे उस की सजा इस दुनिया में उस की मौत आने से पहले पहले मिल जाती है । ये बात हक़ और सच है चाहो तो तुम खुद अपने बीते हुए कल के सभी इंसान के कल के बारे में सोच कर देख लो जो की जुल्म करते हो और उनके अंत को भी देख लो ....
Good bay
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