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जुल्म पर जुल्म किया अपने माँ बाप पर इस इंसान ने पर कभी बद्दुआ नही दी। उनकी दुआओ की कीमत पता लगी तो उनके लिए जान लूटा दी । कहानी एक ऐसे ही इंसान की जारुर पड़े जरूर



एय इंसान दुनिया की इस चंदगी में तूने दो बूढे दिलो को रुला दिया  ।।
तेरी खुसी के लिए उन्होंने दुनिया लगा दी दाब पर और उनकी खुसी को तूने चंद लम्हों में भुला दिया।
खुद भूका रहते थे मगर तुझे ना भूका सोने देते थे ।।
और आज बीबी की खुसी के लिए  तूने उन्हें भूका सुला दिया .....?

तेरी मुहब्बत में उन्होंने दफ़न कर दिए थे दिल के सारे अरमान ।।
आज तू उनसे ऐसे मिलता है जेसे हो गए हो तेरे लिए बो अनजान ।
बेचैन हो जाते थे बो तेरी एक आह से ......।।
ना होने देते थे तुझे दूर अपनी निगाह से..।
हर तमन्ना पूरी की उन्होंने तेरी 
अपनी तमन्नाओ को मार कर !!
और आज उनकी तमन्नाये होती  है कुछ तो  तू कहता है इंतज़ार कर ।
याद कर उस बक्त को जब गीले में सोती थी माँ और तुझे सूखे में सुलाया करती थी ।।
तेरी हलकी सी मायूसी ही उन दिलो को रुलाया करती थी
तेरे हर जुल्म के बाद भी बो तेरी कामयाबी की ही दुआ करते है
और तुम उन दो  जानो को अपने ऊपर बोझ समझते है।

ये जो तेरी कामयाबी इस जहान में 
 आज जो ये बजूद रखती है  ।।
है उनकी ही मेहरबानी के उनकी दुआ  तुझे हर  बला से महफूज़ रखती है ।
याद करते होंगे अपने गुजरे हुए कल को और कहते होंगे खुदा से .....
के एय खुदा तूने हमारी ज़िन्दगी को क्यों ऐसा बना दिया ...?
बस हमको ये बता दे की इस दुनिया में हमने  इसे लाकर  कौनसा गुनाह किया ।

【दोस्तों आप जिस कहानी को ढूढ़ रहे  हो बो नीचे है पर ये कुछ बाते मेरे मन में आ रही थी जो मैने भी लिख दी । दोस्तों आप से गुजारिस है की इस कहानी को पूरी पड़े और अगर आप को अच्छी लगे तो जरूर forward करे】 दोस्तों  मुझे लगता है के सायद आप मेरी इन कुछ लाइनों से समझ गए होंगे की मै अपनी इन लाइनों में किन के बारे में बात कर रहा हु ....?
दोस्तों  इन बातो में मै अपने उन बूढे माँ बाप की तरफ ईसारा कर रहा हु जिनको आज हमने अपने ऊपर एक बोझ समझना सिरु कर दिया है । दोस्तों आज हम कुछ गुजरे हुए कल की तरफ जाते है और सोचते है अपने माँ बाप की कुछ परेसानियो को  ......?
तो सोचो.......
जब हम माँ के पेट में थे तो माँ ने कितनी तकलीफ सही होगी की  नौ महीने तक हमारा बोझ अपने पेट में उठाये रखा । उस के बाद जब हम दुनिया में आये तो हर तरह से हमारी देखबाल की । हमें अपनी आखो से जुदा न करती थी । जब हम बिस्तर को गीला कर देते थे तो हमे सूखे में सुलाती थी और खुद गीले में सोती थी ।कितनी परेसानिया सहती थी और हमारे पिता हमारी हर खुआइसो को पूरा करता था । इसी तरह बक्त के साथ उसने हमारे ऊपर सारी खुसिया कुर्बान कर दी । फिर जाकर हमे कहि रोजगार मिल गया और उन्होंने हमारी अच्छी खुशियो के लिए हमारी सादी कर दी ।हमारी खुआइसो को पूरा करते करते बो इस मुकाम पर पहुच गए की बो  अब हमारे मोहताज़ हो गए । अब बक्त आया हमारा ....। अब हम खुद ही सोच ले की हम अपने माँ  बाप का क्या हक अदा कर रहे है  हमे बोझ् से नज़र आते है अपने माँ बाप से ऐसा लगता है जेसे हमें ये जीने नही दे रहे । उनके सामने ठंडा खाना रख देते है  उन से बड़ी बत्तमीजी से बाते करते है कुछ लाते है तो माँ बाप से छुपकर बीबी के लिए लाते है ताकि माँ बाप ना देख ले ....।
सोचो दोस्तों क्या गुजरती होगी उनके दिल पर जब बो हमारे उन लम्हों को याद करते होंगे की इस की खुसी के लिए हमने अपना जीबन लगा दिया और आज इनके मुह से दो प्यार भरे लफ्ज़ सुनने के लिए बेताब है ।  

दोश्तों म आज आपको कछ ऐसी ही एक सख्स की कहानी है जिसने अपने माँ बाप के साथ जानबारो से भी बदतर ब्यभार किया तो  कुदरत ने भी उस के साथ ऐसा ही ब्यभार किया । 
जी हा......



  • के कुछ ऐसे ही एक सादी सुदा एक छोटा सा पारीबार था जो की निसंतान था । उस के औलाद नही थी  । उन्होंने अपनी औलाद के लिए बहुत मन्नते की फिर जाकर कहि खुदा ने कहि उन को  एक औलाद दे दी । इसी तरह उस को पाल पोस कर जो मेने पहले बता दिया है  बड़ा किया और उसे एक काबिल इंसान बना दिया । उस की सादी कर दी गई । और कुछ अर्से तक तो बो माँ बाप के साथ रहे । फिर अचानक उस के पिता की तबियत खराब हो गई और बो अब बीमार रहने लगा । तो बीबी ने अब उस को पास ऱखने से मना कर दिया । उस की बीबी ने उस पर ऐसा जादू कर दिया के अब उसने उस घर को छोड़ने का इरादा कर लिया । उन्होंने अपना सारा सामान इकठ्ठा किया और चल दिए घर से । बो बेचारे बूढे माँ बाप उस के कदमो में गिर गिर कर माफ़ी मांगते रहे लेकिन उस ने एक ना सुनी माँ ने कहा के बेटा तेरा बाप बहुत बीमार है ऐसे हाल में इसे छोड़कर ना जा । बेटा हम घर की चौकट पर रह लेंगे लेकिन हमें छोड़कर ना जा । लेकिन उसे जरा भी रहम ना आया और बो अपनी बीवी के साथ उन्हें छोड़कर चला गया । लेकिन इससे भी बड़ा जुल्म उसने इन पर ये कर दिया के ना जाने कब उसने उस माकान को बेच दिया ये बात उस के माँ बाप को भी पता नही चली  । कुछ दिनों बाद जब उस मकान का मालिक आया तो उसने उसे घर से भार निकाल दिया और जो कुछ उनका सामान था बो भी बहार फेक दिया । उस की। माँ ने बहुत बिनती की के उनके पति बीमार है हमे बस इतने से दिन रुक जाने दो जब तक इनकी तबियत अच्छी हो जाये  । लेकिन उस ने एक ना सुनी और उन्हें सर्दी के मौसम में ही घर से बहार निकाल दिया ।


उस के पति की अब इतनी तबियत खराब हो गयी के बो अब चल भी नही पा रहा था । लेकिन बो जेसे तैसे कर के अपने पति को बहा से लेकर कॉलोनी के बहार बने एक चबूतरे पर जाकर बैठ गए  । अब उनका बक्त उसी पेड़ के नीचे गुजरने लगा । अगर कभी पड़ोसियों को उन पर रहम आ जाता था तब तो एक दो रोटी डाल दिया करते थे बर्ना भूके ही रात गुजार लिया करते थे । कभी कभी पडोश के कुछ लोग उनकी इस लाचारता का मज़ाक भी उड़ाते थे । बो इधर उधर से पैसे मांगती थी और उस के लिए दबाई लाया करती थी । सर्दी ने तेज़ी पकड़ ली अब बेचारी कहाँ तक उस की खेबट करती क्यों की उस की तबियत अब और ज्यादा खराब होने लगी थी। अब उस के पिता की आखरी तमन्ना थी के कैसे भी बो अपने बेटे से एक बार मिल ले सिर्फ उस का चेहरा देख ले । बो अपनी बीबी से इस बात की ज़िद करता था तो बो उस की खुसी के लिए बहा जाती जिस राश्ते से बो गया था और उस का घंटो तक इंतज़ार करती
लेकिन जब बह नही आता तो बापस आकर उसकी खुसी के लिए कहती के मै बोल आई हु और बो आ रहा है हमें अपने साथ लेकर जाएगा । तो उस को थोड़ी तसल्ली मिलती .......। इसी तरहा अपने बेटे का चेहरा देखने की उम्मीद को लेकर बो इस दुनिया से रुखसत हो गया । पर उस का बेटा ना आया । अब बेचारी बुढ़िया आकेली रह गयी और अब तो बो बिलकुल ही टूट गई क्यों की अब किस के सहारे पर ज़िन्दगी काटे ....? बो बेचारी सुबह निकलती थी घर से और जिस राश्ते से उस का बेटा गया था उसी राश्ते पर नज़रो को गड़ाये हुए बैठ जाती और एक टकटकी लगाये हुए अपने बेटे का इंतज़ार करती रहती थी । पडोश के किसी आदमी ने कहा के दादी आप अकेली हो क्यों ना आप अपने घर बालो के यहाँ चली जाओ अपने भाई बगेरह के पास चली जाओ ।
तो उस ने कहा के बेटा मै अगर चली जाउंगी तो मेरा बेटा कभी क्या पता यहां आ गया तो उस का ख्याल कौन रखेगा । मेरे बेटे को किसी ने कुछ तकलीफ पहूचा दी तो ....? में जब तक जिन्दी रहूंगी मै मेरे बेटे का इंतज़ार करुँगी । इस बात को सुन के उस पडोसी की आखो में आसु आ गए और बह  बंहा से चला गया । इसी हाल में उसको सात साल गुजर गए । जहाँ उस का लड़का रहता था बही उस की एक आदमी से दोस्ती हो गई और बह दोस्त उस के घर पर आने लगा । एक दिन उस की नज़र उस की बीबी पर पड़ गई और उसने उसे पाने की ठान ली अब बह उस की बीबी के लिए आने लगा और धीरे धीरे उसने उस की बीबी से बात करना सिरु कर दिया यहाँ तक की दोनों में प्यार हो गया । अब जब उस का पति कहि जाता तो दोनों रंगरलिया मानते थे । एक दिन दोनों ने उसे राश्ते से हटाने की ठान ली । फिर जब बह रात को अपने काम से बापस घर आ रहा था तो उसका बो दोस्त और उस के साथ में 5-6 गुंडों ने उसे एक जंगल में घेर लिया  । तो उसने कहा के तू तो मेरा दोस्त है और तू ये क्या कर रहा है ? तो उसने कहा के मै तेरी बीबी से प्यार करता हु और बो मुझ से । इस बात को सुनकर उस को बहुत गुस्सा आया । उसने कहा के ऐसा नही हो सकता । तो उसकी बीबी भी जो उनके साथ  बहाँ छुपी बेठी थी बहार आई और कहा के सच है और आज तुझे हम राश्ते से हटा देंगे । इतना कह कर उसने उन गुंडों को उसे मारने का हुक्म दे दिया । फिर सब गुंडे उस पर टूट पड़े और उसे मारना सिरु कर दिया । की अचानक पास में एक धुए का सा गुब्बारा फटा तो सब की निगाह उस तरफ चली गई और देखा के एक घुड़ सबार
अपने हाथ में एक बरछा लिए दौड़ा चला आ रहा है । तो कुछ तो डर के भाग गए और जिसने उससे लड़ने की सोची उसने उन्हें क़त्ल कर दिया ।उन गुंडों ने उस के बेटे की ऐसी हालत कर दी उन्होंने के मुश्किल से खड़ा हो पा रहा था । जब बह घुड्सबार बापस जाने लगा तो उसने पूछा के खुदा के लिए ईतना बता दो की आप कौन हो? तो उस ने कहा की मै बो दुआ हु जो तेरे इतने जुल्म के बाबजूद भी तेरी माँ तेरे लिए करती है । अपने माँ बाप को मरने के लिए छोड़ कर जाने बाले तेरी हिफाज़त के लिए आज भी दो बूढे हाथ खुदा के सामने उठते है आज भी तेरी जिंदगी की खुशियो के लिए कोई दुआ करता है । जिस माँ बाप को तू छोड़कर आ गया बो आज भी तुझ से मिलने के लिए तड़फते है । ईतना कह कर बह गायब हो गया । और बह अपने बीते हुए कल को याद कर के रोने लगा । उसे अपने माँ बाप याद आने लगे । बह अपने किये पर बहुत पछताने लगा । अब उसे अपनी माँ बाप याद आने लगे और रोता हुआ और चिल्लाता हुआ अपने घर के तरफ दौड़ा । दिल में ये ख्याल आ रहा था के मैंने तो उस मकान को बेच दिया था अब सायद होंगे जाने नही ...? लेकिन मै उन को देख कर और मना कर मानूँगा चाहे मुझे पूरा जहाँ ही क्यों ना देखना  पड़ जाये । बो ऐसे सोचता हुआ और रोता हुआ दौड़ा चला जा रहा था । जब बह अपनी बस्ती में पहुचा तो उसने देखा के एक बूड़ी औरत भिखरे बालो बाली फ़टे और गंदे कपड़ो बाली औरत एक चबूतरे बैठी हुई थी । और बो अपने  हाथो को ऊपर उठा कर कुछ दुआ मांग रही थी । उसने उस के हाल से उस औरत को नही पहचान लेकिन जब बो दुआओ में बार बार अपने लड़के का नाम ले रही थी । तो बह उसे पहचान गया और उसने बड़े ही मीठी आबाज में कहा
माँ............।।।।।।।।।।



बो औरत एक दम हड़बड़ा गई और जहाँ आबाज आई थी उधर की तरफ देखि तो उस का लड़का बहाँ खड़ा हुआ था । बो खुसी के मारे पागल हो गई । उसका लड़का उस के लिपट गया और रोने लगा माँ भी रोने लगी । दोनों एक दूसरे से लिपट लिपट कर रोने लगे । उनकी आबाज सुन कर मोहल्ले बाले जाग आये । तो बो देखते है के उस औरत का बेटा बहाँ आया है । बस्ती बाले उन्हें इस तरह रोता देख कर और उनकी मुहब्बत को देखकर उनकी भी आखो में आसु आ गए । फिर उसके लड़के ने पूछा माँ पिता जी कहाँ है ? तो बह चुप  रही , उसने फिर पूछा उसने कुछ जबाब नही दिया उसके बार बार पूछने से एक बस्ती बाला बोला के मर गया बो ......! तेरा इंतज़ार करते करते .....! तूने भरी सर्दी में उन्हें ये घर बेच कर बहार निकलबा दिया , बीमार तो था ही कुछ बेचारा सर्दी से मर गया । लेकिन उस ने तेरा नाम लेना नही छोड़ा । मरते बक्त भी तुझ से मिलने की इक्छा जाहिर कर रहा था बेचारा बहुत बुरी मौत मरा है । खुदा तेरे जैसी संतान तो जनबरो को भी ना दे । तूने अपने माँ बाप को कितना साताया है फिर भी ये तेरे माँ बाप हमेसा तेरी कामयाबी की ही दुआ करते रहे । उस पडोसी की बात सुनकर बो अपने सिर को पीटने लगा और फिर से रोने लगा । उसकी माँ ने उसे रोका । फिर उसने अपनी माँ को गले से लगाया और रोने लगा । तो उसकी माँ ने कहा बेटे ये दुनिया चाहे कुछ भी कहे लेकिन मेरे दिल में तेरे लिए अभी भी उतनी ही मुहब्बत है और मेरे  मुह से तेरे लिए कभी बद्दुआ नही निकलेगी । तो उसने कहा के माँ तू मेरे लिए बद्दुआ कर देती क्यों की मेरे जेसे इंसान को तो बहुत बुरी सजा मिलनी चाइये । माँ ने उसे समझाया । फिर उसने अपनी माँ को गोदी में उठाया क्यों की बह कमजोरी की बजह से चल नही पा रही थी । इस मंज़र को देखकर सभी पडोसी रोने लग गए । बो अपनी माँ को लेकर यहाँ से बहूत दूर चला गया और फिर अपनी माँ को हमेसा खुस रखता अपनी माँ से पहले खाना नही खाता था तो खुदा ने उस पर रहम कर दिया और बो बक्त का सबसे बड़ा रहीस बना । फिर उसने बड़े बड़े बृद्ध आश्रम खोले जिनमे बो बुजुर्गो उनमे बुलाता जिन को उनके बच्चे घर से बहार निकाल देते थे  । ये उनको अपने आश्रम में रखता और उनकी खूब मदत करता ।

दोस्तों आप से गुजारिस है के एक बार इस वीडियो को जरूर देखें । अगर आप अपने माँ बाप से प्यार करते होंगे तो इसे जरूर देखेंगे । अब आप की मर्ज़ी
धन्यबाद.....👍👍👍👍

दोस्तों इस कहानी से यह सिक्छा मिलती है के हमारे माँ बाप सदा हमारे लिए दुआ ही देते है । उनसे जहाँ तक हो सके बो अपना हक अदा करते है बस हम अपना हक अदा नही कर पाते । दोस्तों माँ बाप की तकलीफे तभी से सिरु हो जाती है जब से हम इस दुनिया में आते है और बो हर पर हमारी खुसी को तलासते है लेकिन जब हमारा बक्त आता है उनकी खिदमत का तो हमे बो एक बोझ् से लगते है दोस्तों
जिन के सर पर ममता की दुआए है ।।
किस्मत बाले बो है जिनकी माँए है  ।
तो अपने माँ बाप की खिदमत करो उन्हें खुस रखो क्यों की अगर माँ बाप खुस रहेंगे तो रब भी खुस रहेगा और रब हमसे खुस हो जायेया तो हम दोनों जहाँ की कामयाबी हासिल कर लेंगे ।।
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महबूब की चाल , महबूब की आबाज,
महबूब की आँखे....
दोस्तो उस की तारीफ तारीफ किये जाता है लेकिन बो.....  जो बाकई अपने महबूब से प्यार करता हो । तो उसे अदा पंसद आती है ।
बर्ना आपको तो खूब पता है के आज के नौ जबानों को क्या पसंद आती है ।
चलो जाने दो हम तो हमारी कहानी पर आते है ।
दोस्तो आज मैं एक ऐसी ही कहानी लाया हूं जिसे सच मे पड़ कर आप बर्दास्त नही कर पाएंगे ।
तो चलो अपनी कहानी पर आते है ।

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