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Saturday, December 3, 2016

जब एक गरीब ने कहा में जीतूँगा इस जमाने से...

                🙋       -:  में जीतूंगा   :-         🙋

                       

क्या कुछ नही होता जिंदगी में अगर हो इरादे मजबूत !! चट्टान  भी राश्ता दे देती है अगर दिल में हो    मंजिल को पाने का बजूद !🍁🍁🍁


इरादे अगर मजबूत हो तो बड़ी से बड़ी चट्टान में भी इंसान उसे काटकर राश्ता बना देता है हर चट्टान को  हार माननी पड़ती है |और अगर इंसान हार मानने का आदि हो तो छोटी से छोटी चीज़ भी उसे डराती है और बो इंसान कभी भी कोई मंज़िल को नही पा सकता |

आज हम कुछ ऐसे ही लड़के की एक कहानी आपके सामने पेश करने जा रहे है जिशने कभी हार नही मानी यहां तक की उश्का घर बार और पेरो की चप्पल तक बिच गई मंजिल को पाने के लिए | उस लड़के का नाम था कौसल सिंग ! कौसल बेचारा एक गरीब परिबार से था बाप जूते चप्पल सी कर उस घर का गुजारा करता था | कौशल के 3 भाई और 1 बहिन थी | 2भाई बड़े और 1 बहिन और 1भाई  छोटा था | कौसल के पिता कई  जहां तक हैसियत थी   बांह तक उनको पढाया पर जब पिता  बेचारा एक बिमारी से गिराष्त था इस लिए बो अदिखतर घर रहने लगा ओर उसने अपने दो बड़े लड़को को  बहार भेज दिया मजदूरी करने के लिए | कौसल को  सिरु से ही गाना गाने का बड़ा शौक़  था और उसने अपने स्कूल में उत्सबो पर गाना गा कर कई सील्ड और इनाम प्राप्त की |जो भी उस की आबाज  को सुनता बो उष्को सिंगर बन्ने की ही सालाह देता लेकिन उस कअ पिता इस के बिलकुल खिलाफ था और कुछ बो अपनी गरीब इशतिथि को देख कर उसको बस सिंग्गर बनना एक सपना लगता था ! एक बार बह अपने घर में बेठा हुआ TV  देख रहा था की उसपर बताया जा रहा था के एक लड़की जिसके दोनों पैर एक ट्रेन हादसे में कट गए थे उसने आज एवरेष्ट को फतह कर लिया और उसने इससे पहले और भी बड़ी बड़ी पहाड़ियों पर जाकर जीत हासिल की है और उसे आज राष्ट्रपति दुआर इनाम से सम्मानित किया जा रहा है !तो उसने भी एक सिंगगर बन्ने की ठान ली  और लग गया अपनी आबाज को और सुरीली करने लग गया | उसके दोस्त् यार उस्की आबाज के दिबाने थे और बो उस पर अक्शर उससे गाना गबाया करते थे और बो उनके सामने गाना गा लिया करता था ! एक बार उनके गांब में कुछ TV पर एडविटाइज़ बानाने बनाने बाले आये और बो बहा केमरे से रिकॉर्ड कर रहे थे की गांब बालो को पता लगा और  बहा लोगो की भीड़ लग गई  और उन्हें देखने लग गए | इतने में कौसल को इस बात का पता लगा तो बह दोड़ता हुआ बहा पहुचा और बह देखता है  के चार पांच आदमी और एक सुंदर सी लड़की बहा मौजूद है और उनका जो मेन लीडर है बो गांब के किसी आदमी से कुछ बाते कर रहा है  तो कौंसल ने सोचा की ये इस के जानकार है
और ये मेरी बात इनसे करा देगा और मुझे गाने का मौका दिला देगा तो जब बो बात कर के फ्री हो गए तो उस आदमी को अपने पास बुलाया और कहा

कौंसल => काका कहा बात कर रहा था तू इनसे?

काका=> कुछ नही कौसल ये मुझ से गांब की अच्छी जगह के बारे में पूछ रहे थे पिच्चर बनानी है न इन्हें इस लिए |

कौंसल => काका कहा ये थारे जानकार है ?

काका => नाह जानकर तो नाह ह पर म समझ गयो तो काही इतनो साबाल कर रयो है तू चिंता ना कर मुन्ना में इनसे तेहार बारे में जरूर बात करुंगो ।

कौंसल=> काका अभी कर लो ना , काका में आपके हाथ जोड़ता हु काका अभी करलो मेरे दिल को तसल्ली मिल  जायेगी ।

काका=> ठीक है जाता हु ।

 ( इतना कह कर काका उनके पास जाता और उनसे थोड़ी देर बात कर के कौसल के पास बापस आता है कौंसल अपने मन में खुसी और एक घब्राट सी लग रही थी काका की हा और ना सुनने के लिए । कौसल के करीब जाकर

काका=> मुन्ना उनहोने तुम्हारे लिए हां कह दिया  है

( कौंसल इतना खुस हुआ के उसको ऐसी खुसी जिंदगी में पहले कभी नही मिली)

काका  => पर .......

कौंसल => पर क्या काका जी? 

काका=> बो तुम्हे गायक कलाकार बानाने के 10000 रूपये मांग रहा है ।

कौसल पर जेसे बिजली सी गिर गई हो और एक गहरी सोच में पड़ गया और  अपनी गर्दन नीची कर ली  फिर बोला 

कौसल => काका उनसे कह दो में उन्हें 10000 रूपये दूंगा  ।  चाहे  मुझे कुछ भी करना पड़े में लाऊंगा पैसे ।

काका => ठीक है बेटा में कहे देता हु 

कौसल  बहा से आ गया लेकिन बो खोया सा हो गया था और उसको जहाँ से कुछ लाने कई उम्मीद थी उसने उन सब जगहों  पर जाना सिरु कर दिया | 

सबसे पहले बो अपने घर में आया औऱ जितनी भी सील्ड जो उसे स्कूल से मिली थी इनाम में उसने सब को एक बोरे में भरा और चल उन्हें  बेचने। बो उन सीलडो को अपने से दूर नही करना  चाहता  था लेकिन उसने एक सिंगगर बन्ने की ठान ली थी तो ठान ली थी |उसने उन सीलडो को इक दुकानदार को बेचा जो उसने कौंसल को 3000 रूपये दिए  लेकिन अभी उसे 7000 रूपये की और जरुरत थी अब बो सोचने  लगा के बाकि पैसे कहा से  आये  | अब बो बाकि पैसो के लिए मारा मारा फिर रहा था । उनके घर में 4 बकरिया और  थी जिनको बह साम के बक्त खेतो में चराने ले जाता था उस दिन बह उनको चराने ले गया था बकरियां खेतो में चर रही थी और ये एक पेड़  की छाया में बेटा हुआ सोच रहा था फिर उसने सोचा के कयो  ना में दो बकरियों को बेच दू और उन पेसो को बहा दे दू  । नही नही पिताजी को पता लग गया तो बो तो मुझे मार ही डालेंगे । पर पिताजी से बोल दूंगा की दो बकरियो को  भेड़िया खा गया । नही कौसल और कोई राश्ता नही है पेसो  के इंतज़ाम का पैसे इसी तरहा से आएंगे । पिताजी नाराज़ होंगे पिटाई देंगे मार थोड़ेही डालेंगे । में दो बकरियों को बेच देता हु और कोई इलाज़ नही है । उसने अपनी दो बकरियो को एक कासाई को 8000  रूपये में  बेच दिया । अब बो घर भी नही गया और 10000 रूपये लेकर सीधा काका  के पास गया । काका ने उससे पैसो के बारे में पूछा तो उसने सारा किस्सा  ब्यान कर दिया पिताजी से कुछ नही  कहने की गुजारिस करने लगा । तो काका मान गए  और अब कौंसल और काका उस आदमी के पास गए जो की  एडबीटाइज़ के लिए गांब आया था । काका ने उस अज़नबी को 10000 रूपये थमाते हुये कहा की ये लड़का है जो गायक कलाकार बनना  चाहता  है उस अज़नबी ने कौंसल की पीठ  थाफ्ताफाते हुए कहा के बेटे अब तू बिल्कुल भी चिंता मत कर अब मै तुझे इक  अच्छा गायक्लाकार बना कर रहूँगा। और बो एक  कागज़ के टुकड़े  पर एक पता लिखता है और उसे कौसल को थमाते हुए कहता है बेटे तू  आज  से फिक्श 10 दिन बाद इस पते पर  मुझ से आकर मिल तब तक में तेरा फोरम भर कर और भी जो  जरुरी काम है तेरे सिंगगर बन्ने के लिए में उसे पूरा करता  हु |तू बोम्बे आएगा तो मै तुझे बही मिलूंगा । कौंसल बहुत खुस होता है । लेकिन उस की ये खुसी एक गम में बदल गई। जब बह घर जाने की सोचता । अब घर जाकर क्या जबाब देगा जब पिताजी उस से बकरियो के  बारे में पूछेंगे ? उस घर के  लिए काफी देर भी हो चुकी थी । फिर उसने हिम्मत कर के घर जाने का निश्च्य किया और डरता हुआ घर के  लिए राबाना हुआ । जब बह घर पहुचा तो उस के पिता ने देरी से आने का कारण  पूछा तो उसने कहा के 2 बकरियां कहि खो  गई तो उन्हें ढूढ़ने में देर हो गई । क्या??? तू बकरियों को खो आया मादरचोद .....। तू  भी क्यों नही मर गया होता उनके  साथ और इतना कह कर बो कौसल को मारने लगता है तभी उसकी माँ आकर उसे बचाती है । कौसल के पिताजी उसे रात को ही बहा ले जाता जाता है जहां बो बकरियां चराता था और सब जगह तलास करता है और साथ ही गुस्से में बो कौसल से गालियां देता जाता है । काफी तलाश करने के बाद बो घर आ जाते है। अब तो उसके पिताजी ने उस का खाना हराम कर दिया । पर जेसे तेसे 9 दिन निकले इन 9 दिनों में कौसल ने खूब महनत की और 9 बे दिन अपनी माँ से कहता है माँ  मेरे स्कूल की तरफ से एक छोटा सा प्रोग्राम है जिस में हम कुछ लड़के बहार जा रहे ।

कब है प्रोग्राम ? 

कल है माँ ।

बेटा पर हमारे पास कुछ भी पैसा नही है आपको देने के लिए ताकि तू तेरा कुछ खर्च चल जाता ।

नहीं माँ कोई बात नही हमे पैसो की कोई जरुरत नही बस आप तो हमें पिताजी से इज़ाज़त दिला दीजिये ।

ठीक है तू टेंसन मत कर में तेरे पिता जी से बात कर लुंगी ।

कौसल के घर से स्कूल बड़ी दूर था इस लिए बो कुछ ज्यादा और पता नही कर पाये । 

दूसरे दिन कौसल बेग जमा कर घर से निकल गया अभी उस के पास 1000 रूपये और बच रहे थे इस लिए उसे कोई टेंसन नही थी । बो मन ही मन बड़ा खुस था क्यों की अब उस का सपना पूरा होने बाला था। और सोचता हुआ जा रहा था के जब में सिंगगर बन जाऊंगा तो माँ बाप को पूरी हकीकत बता दूंगा । बो जेसे तैसे कर के बोम्बे पहुँचा और बोम्बे पहुच कर बो उस के बताये हुए पते पर पंहुचा । बहा तक पहुचते पहुचते उस के  800 रूपये खर्च हो चुके थे । पते पर पहुच कर कौसल ने उस आदमी के बारे में पूछा । तो कौसल के पेरो से जमीन खिसक गई जब पता लगा के बहा इस नाम का कोई आदमी नही रहता । फिर कौसल ने उस आदमी को जगह जगह तालास करना सिरु कर दिया हर जगह उस आदमी का पता पूछा पर उस आदमी को दूर दूर तक उस आदमी को कोई नही जानता बहां के रिक्शे बाले उससे पैसे एठने लगे की मै जानता हु और बो उसे दुशरी जगह ले जा कर और पैसे ले कर बहां से गायब हो जाते इस तरहा बचे पैसे भी खत्म हो गए ।अब तो कौसल के दिल की धड़कन  जेसे रुक सी गई हो । उसे अपनी बो सील्ड याद आने लगी जिन को बो जान से भी ज्यादा चाहता था और बड़े गर्ब से दुशरो को दिखाता । और बे बकरियां जिन का दूध उनके घर बालो के लिए काम आता था । और सबसे बड़ी बात के अब उस के पास बापस घर जाने के लिए भी पैसे नही थे । अब उस की समझ में नही आ रहां था की बो क्या करे । उस की आखो से आसु आने लगे । उस को खाना खाये हुए दो दिन हो गए । तो उस के पेरो में जो चप्पल थी बो उसने बेच डाली और खाना खाया । अब उसको रात हुई पर खा जाये खा सोये बो धीरे धीरे कर के रेल्बे स्टेशन पर आ गया और बहार ही बैठ कर आते जाते लोगो को देखता रहा और इसी तरह देखते देखते उसे कब नींद आ गयी उसे पता भी ना चला । जब कुछ देर बाद जब उसकी आँख खुली तो उस को और बड़ा झटका लगा जब उसने देखा की उश्का बेग चोरी हो गया अब तो उष्की और हालत खराब हो गयी । मारा मारा फिर रहा था और अब उस की हालत बहुत खराब हो गई इसी तरहा कौसल को बोम्बे में आठ दिन हो गए ।कौसल के घर पर उस की माँ ने कहा के मुन्ना को आठ दिन हो गए है जरा पूछ तो आओ और कितना बक्त लगेगा उसे घर आने में । कौसल का पिता स्कूल जाता है और उस के बारे में पूछता है उस के होश उड़ जाते जब उसे पता चलता जब कौसल को स्कूल की तरफ से कहि नही भेजा और स्कूल का कोई भी लड़का कहि नही गया । अब बो दोडता हुआ घर की तरफ आता है और उस की माँ को पूरी बातबीबताता है ।उस की माँ इस बात को सुन रोने लग जाती । अब बो जल्दी से अपने दोनों बेटो को फोन कर के पता करता है लेकिन उन के भी पास नही होने पर बो बहुत टेंसन में आ जाता है  बो हर जगह जहाँ तक संभब है । उधर बेचारे कौसल का बुरा हाल हो रहा था । कौसल ने घर पर जाने के लिए बहा पर मज़दूरी करना सिरु की और उष के पास जब थोडा पैसा हुआ तो घर आया । जब बह घर आया तो उस के परिजन बहुत खुस होते है और उससे जाने की बजह पूछते है और जब पिता को पाता लगता के इस ने गायककलाकार  बन्ने के लिए इसने अपनी सील्ड और बकरियों बेचा था ।अब तो पिता का गुस्सा इतना बड़ गया है के उस ने कौसल को मारना सिरु किया और इतना मारा के उस की हालत खराब कर दी । और उस ने उसे अब उस की पढ़ाई रोक कर और उसे भी मज़दूरी के लिए बहार भेज दिया । और बो अब मज़दूरी करने लगा पर  उस पर अब भी सिंग्गर बन्ने का भुत सबार था ।तो बो जहाँ भी काम करता बहा गाने गाता गाता काम करता । एक दिन बह एक हबेलि में काम कर रहा था और गाने गा रहा था की अचानक उस का माँलिक आ गया पर कौसल को इस बात का पता नही चला और बो अपनी धुन में लगा रहा मालिक को ईस की आबाज बड़ी  अच्छी लगी और बो भी उस के गाने को सुनता रहा । जब गाना खत्म हो गया तो मालिक ने ताली  बजाना सिरु किया । उसने कौसल की खूब तारीफ की और उसने बताया के बो खुद एक सिंगगर है । और उसे भी एक अच्छा सिंगगर की तलाश है तो आज बो तालाश भी खत्म हो गई । उसने बो लक़ब कौसल को दे दिया । अब कौसल एक अच्छा सिंगगर बन गया ।और उस की अब सारि खाइसे पूरी हो गई ।

THE AND

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