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आह....कितनी चंदगी में खो गया आज इंसान तू भी देख ले...!!!

ज़िन्दगी एक ऐसी राह है जिसे में हम आ गये और जिए जाये रहे है पर यु पता नही के हमारी ज़िंदगी कहां गुजर रही है सब ये सब को पता है के हमारी ज़िंदगी अच्छी जगह गुजर रही है या गलत जगह बस हर इंसान चाहता है के उस की जिंदगी का हर पल अच्छी जगह पर गुजर जाये ।  दोस्तों आज कल हमारे साथ कैसा होता है इस की मै आपको एक मिसाल देकर समझता हूं ।
के एक बार एक आदमी एक जंगल से गुजर रहा था के उसे सामने से एक सेर आता हुआ दिखाई तो बह उसे देखकर भागने लगा । और सेर भी उस के पीछे भागने लगा । तभी राश्ते में उसे एक कुआ दिखा । बो कुआ सूखा हुआ और उस कुआ के अंदर एक रस्सी लटकी हुई थी । उसने पूरी तरहा उस कुए को देखा भी नही और उस रस्सी के सहारे उस कुए में लटक गया । क्यों की बो रस्सी कुए के आधी थी इस लिए बो उस के तले तक नही पहुच सका और अधर में ही लटका रह गया । बो सेर भी कुए के पास बैठ गया और उस का बहार निकलने का इंतज़ार करने लगा । तभी अचानक दो सफ़ेद और काले चूहे बहार निकल और उस रस्सी को काटना सिरु कर दिया । उसने उन्हें देखा और घबरा गया फिर दिल में ख्याल आया के कोई बात नही नीचे पानी तो है ही नही अगर गिर जाऊंगा तो बच जाऊंगा फिर जब उसने नीचे देखा तो फिर और ज्यादा घबरा गया क्यों की नीचे एक मोटा और बड़ा सा साँप अपने मुंह को खोले हुए उस का इंतज़ार कर रहा है अब उस की हालत खराब हो गई और चूहों को भगाने की कोसिस कर रहा था के अचानक और खुद भी हल रहा था और रस्सी को हलाने की कोसिस  कर रहा था के अचानक उस का हाथ एक महुक के छत्ते में चला गया तो उस के हाथ पर थोड़ा शहद लग गया और फिर उसने उस सहद को जब अपनी जुबान से लगाया और उस का जो जायका था उस में खो गया और उसे  अब ये भी पता नही के मेरे आगे पीछे ऊपर नीचे चारो तरफ मौत है बस बो तो उस के मज़े में खो गया चाहे बो मजा थोड़ी ही देर का हो लेकिन उसे अब बो नही दिख रही । तो दोस्तों आप इस से सायद समझे नही बो मै आपको इस के बारे में बताता हूं ।
जो बो रस्सी है बो हमारी जिंदगी है जिसे हम है जिसे हम बहुत लंबी समझ रहे है ।
जो सफ़ेद और काले चूहे है उनमें काला चूहा हमारी रात और सफ़ेद चूहा दिन है जो बो रस्सी को काट रहे है ठीक उसी प्रकार हमारी जिंदगी में जैसे जैसे रात दिन निकल रहे है  उसी प्रकार हमारी उम्र कट रही है ।
और जो नीचे साँप है बो हमारी मौत है जो हमारा इंतज़ार कर रही है कि जैसे ही हमारा बक्त पूरा हुआ तुरंत बो हमें लपक केगी ।
और ये जो महुक का छत्ता है बो हमारी मुसीबते है जिसे हम बहुत झेलते है और जो उस ने उस सहद को चखा और उस की लज़्ज़त में खो गया यानि ये दुनिया की चंदगी में फस कर बो इतना विलीन हो गया के उस अब कुछ भी याद नही रहा सब कुछ भूल गया । लेकिन जब उस का मज़ा खत्म होगा तब तक बहुत देर हो चुकी होगी । यानि बो सफ़ेद चूहे उस रस्सी को काट चुके होंगे और जा गिरेंगे उस साँप के मुह में ।
दोस्तों अब आप समझ गए होंगे की क्या है इस कहानी का मतलब । दोस्तों बक्त कटता जा रहा है और जहाँ से हम आये है भी जाना है लेकिन हम ने अपने जीवन में क्या किया हमें खूब पता है हम अपने बनाने बाले को भूल गए और अपने मकसद को भूल गए । हम खूब जानते है कि बिना किसी चीज़ पर महनत करे कुछ भी नही बन सकता । दुनिया की छोटी से छोटी चीज़ माचिस को ले लो अगर उस को बनाना है तो भी कितनी साम्रगी की अबस्यक्ता पड़ती है दोस्तों मेरा यही कहना है के अपने बनाने बाले को पहचानो और उस ने जो हुक्म दिया है उसे जानो
"जियो और जीनो दो " ये काम करो गरीबो की मदत करो और उनको न सताओ क्यों की इस दुनिया में सभी का हक़ जीने का है ।
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एक गरीब की दर्दनाक प्रेम कहानी ! A dangerous love story

दोस्तो प्यार कुछ चीज़ ही ऐसी बनाई है खुदा ने के जिस को एक बार हो जाता है ना तो उसे अपने महबूब की हर अदा पसंद आती है । 

महबूब की चाल , महबूब की आबाज,
महबूब की आँखे....
दोस्तो उस की तारीफ तारीफ किये जाता है लेकिन बो.....  जो बाकई अपने महबूब से प्यार करता हो । तो उसे अदा पंसद आती है ।
बर्ना आपको तो खूब पता है के आज के नौ जबानों को क्या पसंद आती है ।
चलो जाने दो हम तो हमारी कहानी पर आते है ।
दोस्तो आज मैं एक ऐसी ही कहानी लाया हूं जिसे सच मे पड़ कर आप बर्दास्त नही कर पाएंगे ।
तो चलो अपनी कहानी पर आते है ।

एक शहर में एक बहुत बड़ा  business man  रहता था जो कि साथ मे नामी गुंडो से मिला जुला था । यानी उस की गिनती दबंगो में होती थी । सब उस से डरते थे । उस की एक लड़की जिस का नाम था रीनू । 





रीनू बहुत ही बदमास और  नटखट किस्म की लड़की थी । जो कि हमेसा किसी को ना किसी को छोटी छोटी बात  पर सजा देती रहती थी । रीनू किसी पर भी दया नही करती थी । क्यो की उसे अपने पापा की इस ताकत पर घमण्ड था । बो इंसान को इंसान नही समझते थे । सब से दादागिरी से बात करना । बही दूसरी तरफ एक लड़का था जिस का नाम था सूरज


 सूरज था तो एक…

मुहब्बत की एक अजीबो गरीब प्रेम कहानी ।

दोस्तो आज के इस युग मे आज से क्या बल्कि बहुत पहले से ही जब से ईशबर ने इंसान के सीने में दिल दिया है तब से और आज तक सायद ही ऐसा कोई इंसान हो जिस ने कभी ना कभी किसी से प्यार ना किया हो ....!चाहे बो कैसे भी और किसी भी रूप में हो ।
दोस्तो हर इंसान चाहता है के उस का  पार्टनर खूबसूरत और सुंदर होना चाहिए ।
कोई भी काला या बदसूरत पासन्द नही करता । पर आपको शायद ये पता नही के खूबसूरती तो चंद दिनों की होती है असल तो मुहब्बत कायम रहती है । पार्टनर चाहे कैसा भी हो लेकिन अगर उस के अंदर आपके लिए मुहब्बत है तो आपके पास दुनिया की सारी खुशियां है और मुहब्बत नही है तो उस के पास चाहे दुनिया की सारी दौलत हो लेकिन उस की ज़िंदगी  उसे अच्छी नही लगती ।
दोस्तो आज मैं आपके सामने एक ऐसी ही प्रेम कहानी लेकर आया हु जिसे पड़ कर आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे ।
एक सहर में एक ब्यापारी का लड़का रहता था । जो कि बहुत ही नटखट था । बो बहुत ही सुंदर और चालाक था ।


 हमेसा मौज़ मस्ती । दिन भर दोस्तो के साथ रहना , खाना पीना , आशिकी और दिल लगी करना सब एक खेल सा था उस के लिए  लकडियाँ पटाना । उन से पैसे ऐठना सब उस के लिए आसान था । बो…

गरीब के दिल की ह्मदर्दी । कहानी एक सफर की

दोस्तो ये दुनिया बहुत बड़ी है । और इस दुनिया मे सब तरहा के लोग है ।



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चलो मैं बताता हूं  कैसे दुसरो के लिए धड़कता है । गर्मियों के दिन थे । स्कूल की छुट्टियां सिरु हो गई तो मैने और मेरे कुछ दोस्तो ने कहि घूमने का पिलान बनाया ।

 मेने अखबार में देखा के एक बस घुमाने के लिए जा रही है जो कि 3 हजार रुपये में एक सप्तहा घुमाएगी । तो मैने मेरे तीन दोस्तो को ये बात बताई और हम तैयार हो गए । हम चारो ने अपने बैग तैयार कर के जयपुर हो लिए राबाना हो लिए  और उस बस बाले से जा मिले जो कि सात दिन के टूर पर जा रही था । हम  चारों ने तीन तीन हजार रुपये जमा करा दिए । हमारे आने से बस की सारी सीटे फुल हो गई और बस राबाना हो गई । मेरे तीन दोस्त एक सीट पर थे और में एक सीट पर बैठा था जिस पर एक अंकल और एक आंटी और एक उनका छोटा सा बेबी था ।…