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Sunday, March 26, 2017

ताजमहल के छुपे हुए रहस्य जिनके बारे में हम बिलकुल भी नही जानते । जानने के लिए जरूर पड़े


दोस्तों ताजमहल के बारे में तो हमने खूब सुना होगा , बल्कि हमने ताजमहल को देख भी लिया होगा ।
क्यों की ताज़महल को देखने के लिए दूर दूर से सैलानी आते है तो हम खुद तो भारत के ही निबासी है तो सायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसने ताज़महल को नही देखा होगा ।
दोस्तों ताज़महल के बारे में हमने खूब सुना और देखा भी होगा पर हम सिर्फ इतना जानते है के ताज़महल एक खूबसूरत संगेमरमर की इमारत है जो की साहजहां ने मुमताज़ बेगम की याद में बनबाया था । लेकिन दोस्तों आज हम आपको ताज़महल के बारे में कुछ ऐसी बाते बताने बाले है जिनपर बिस्बास करना बहुत ही मुस्किल होगा । ताज़महल की कई ऐसी बाते जिनके बारे में हम अभी तक अंजान है और कई ऐसे रहस्य है जो की चैकाने बाले है ।
तो चलिए दोस्तों आज मै आपको ताज़महल के बारे में कुछ ऐसी बाते बताने बाला हु जिस को सुनकर आप यकीन नही करेंगे ।
मुमताज़ की ममी 



दोस्तों आपको ये जानकर यकीन नही होगा के मुमताज़ की मौत के बाद मुमताज़ को 22 साल ममी बना कर रखा किसी दूसरी जगह दफनाया गया था । क्यों की ताज़महल को मुकम्मल बनने में पूरे 22 साल लगे । 22 साल बाद मुमताज़ को ताज़महल में दफनाया गया ।
लेकिन आप के मन में ये बिचार आ रहा होगा के 22 साल तक मुमताज़ के शरीर को कहाँ रखा गया ?
तो दोस्तों इस का जबाब कुछ इस तरह से है के जब मुमताज़ की म्रत्यु हुई थी तो उस के शरीर पर कुछ अलग तरह का लेप लगाया गया जिस से उस की लाश को कीड़े मकोड़े ना खाएं और ना ही कुछ और हो


 फिर एक ताबूत में ममी बना कर उसे उसे बुरानपुर के एक छोटे से मकबरे में दफना दिया गया था ।

जब ताज़महल पूरी तरह मुकम्मल हो गया तो उस के सब को बुरानपुर के मकबरे से ले आया गया
और फिर निकल कर ताज़महल के अंदर दफना दिया गया था


काला ताज़महल



माना जाता है के साहजहां नदी के उस पार एक और महल काला ताज़महल बनाना चाहते थे । 



जो किसी बजह से नही बन सका । कई लोग काला  ताज़महल ना बनने की बजह को अलग अलग तरह से बताते है । लेकिब इतिहास कार इस बात को सच नही मानते । A S I



【 आरके लोजी सरबर ऑफ़ इंडिया 】 के खुदाई के दौरान कुछ ऐसे सबूत सामने आये 


जो काला ताज़महल की बात को झूट साबित करते है । यमना नदी के उस पार खुदाई के दौरान ये सबूत हाथ आये के बहाँ कुछ बनाया तो गया जो की बहुत ही ख़ास था और ज्यादा जांच  करने पर पता चला के बहाँ एक बहुत ही खूबसूरत गार्डन बनाया गया ।






अर्केलॉजी सरबर ऑफ़ इंडिया की टीम  ने जब काले ताज़महल  की तह तक छान बीन की



 और बहाँ से कुछ सेम्पल भी लिया तो पाया के बहाँ कोई काला ताज़महल बनने बाला नही था ।
 तज़्महाल के बनने के पांच से सात साल बाद साहजहां ने नदी के उस पार एक मून गार्डन बनबाया था । इस जाँच से ये साबित होता है के अगर साहजहां काला ताजमहल बनबाते तो बो मून गार्डन नही बनबाते ।

ताजमहल पूरी तरह संगेमरमर का नही है 

दोस्तों हम आज तक ये बात समझते आये है के ताज़महल पूरी तरह संगेमरमर का  है लेकिन ये पूरी तरह संगेमरमर का नही है




 । बल्कि ताजमहल को पहले पक्की ईटो से बनबाया गया फिर उस के ऊपर संगेमरमर चड़बाया गया था  ।

ताजमहल बनने पर साहजहां ने मजदूरों के हाथ नही कटबाये थे
दोस्तों ताज़महल के बारे में ये एक बड़ी अफबा है के ताजमहल बनने पर साहजहां ने मज़दूरी के हाथ कटबादिए थे लेकिन ये बात गलत है ।
दोस्तों अगर ताजमहल के इतिहास में जाये तो पता चलता है के ताजमहल को उस्ताद अहमद लाहोरी और उस के कई  साथियो ने ताजमहल को बनाया




 और भी कई इमारतों को बनाने में उन्होंने योगदान दिया जैसे लाल किला है  और भी बहुत सी ।
कोई भी राजा अपनी प्रजा के लिए इतना बेरहम नही हो सकता । के बो 20 से 22 हजार मज़दूरों के हाथ काट कर उन्हें माजूर बना दे ।
सन 2001 में A.S.I. के दुआर दी गई रिपोर्ट के मुताबिक ये साबित होता है के ये बात झूट है ।
और कई बड़े इतिहास कार भी इस बात को एक बड़े झूट का दर्ज़ा देते है ।
और कई बड़े इतिहास कार इस बात का दाबा करते है के ताजमेहाल साहजहां के मुताबिक नही बना ।
क्यों की साहजहां ताजमहल नही बल्कि एक ऐसी इमारत बनबाना चाहते थे जिस की बुनिनाद लकड़ी की हो । क्यों कभी सुनामी या तूफ़ान आये



तो बो बजाए कोई नुक्सान पहुचने के बल्कि तैरता हुआ कहि दूसरी जगह चला जाये । और हमेसा सही सलामत रहे । पर ये तमन्ना साहजहां की इस लिए पूरी ना हो सकी क्यों की इसके लिए साहजहां को लकड़ी इकठा करने में बहुत बक्त लग रहा था ।



और बो मुमताज़ के सब【मृत शरीर】 को लेकर बहुत परेसान थे । इस लिए उस ने अपन इरादा बदल दिया और ये फैसला लिया के बो एक संगेमरमर की ऐसी इमारत बनबायेंगे जो की बहुत ही खूबसूरत हो और पूरी दुनिया में एक ख़ूबसूरती की मिसाल बने ।




 जो आज हम देख सकते है ।
और हाँ....
आप को ये बात जानकर बड़ी हैरत होगी के ताज़महल और ऐसी कई बड़े इमारतों के बारिस आज भी जिन्दा है








और बो लोग अपने हक के लिए भारत सरकार से आज भी लड़ रहे है




 । उनका कहना ये है के जब बो अपेन ही पुरखों की इमारतों पर या अपने ही पुरखों की कब्रो पर जाते है तो उनसे टिकिट माँगा जाता है ।

 अगर ताजमहल की कमाई की बात की जाये तो......

ताजमहल को देखने के लिए हर रोज़ 12 हजार से 18 हजार सैलानी आते है  


भारत सरकार को हर रोज 65 लाख से 90 लाख तक कमाई होती है यानि हर महीने 19 करोड़ 50 लाख से लेकर 27 करोड़ तक इस की कमाई है  पर फिर भी भारत सरकार उन लोगो को हर माह 500 रूपये देती है

ताजमहल का निर्माण सन 1631 में हुआ और
ताजमहल का सम्पूर्ण कार्य सन 1653 में पूरा हुआ हुआ । ताजमेहाल को पूरा बनने में 22 साल 5 महीने लगे ।



ताजमहल को सारी दुनिया में बस्तुकला का एक बहतरीन नमूना कहा जाता है



ताजमहल का जो संगेमरमर है उसे तरासने के लिए उज़्बेकिस्तान के भुकारा सहर से कारीगरों को बुलाया गया था



। संगेमरमर पर जो लिखाई की गईं है उसे केलिगिराफी कहते है और इस केलिगिराफी करने बाले कारीगरों को सीरिया से बुलाया गया था




 ताजमेहाल का डिजाइन 37 लोगो की एक टीम ने मिलकर बनाया था और इन्हीं लोगो की देख रेख में ताजमहल रहा ।



 ताज़महल की नक्कासी दीवारों पर इटली के कारीगरों ने की थी


इन्ही कारीगरों ने भारत के लोगों को कई हुनर सिखाये । ताजमहल को बनाने के लिए 19000 से 23000 मजदूरों की मदद ली गई




 इनमें से कई मजदूर उत्तर भारत के




 थे इनमें से कई मजदूर और कई कारीगरो ने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा ताज़महल के नाम कर दिया


 ताजमहल का काम पूरे 22 साल चला  । ताजमहल के बनने  के दौरान ताजमहल का काम 43 मर्तबा रोका गया बारिशों के महीने में काम करना नामुमकिन था




इसलिए ताज़महल का काम 43 बार रुक गया था ।


इन सारी बातों में से कुछ बातों का ठोस सबूत नही है लेकिन झूट जानकार नज़रंदाज़ भी नही किया जा सकता क्यों की ये सारी बाते उनके उनके मुह से सुनी गई है जिनका रिश्ता पीड़ी दर पीड़ी साहजहां और मुमताज़ से मिलता है ।

दोस्तों में आशा करता हु के आपको सायद ये स्टोरीअच्छी लगी होगी ।
और अब आपके मन में कुछ सबाल आ रहे होंगे । अगर आप इस स्टोरी को  VIDEO  में देखना चाहते है तो इस लिंक पर किलिक करो और खुद देख लो ।

👉        https://youtu.be/JENJwjLMYqI

जब आप इस लिंक पर किलिक करोगे तो इस कहानी से जुडी वीडियो आपके सामने आ जायेगी जिस से आपको सायद अच्छा समझ में आएगा

【 NOTE:-  इस स्टोरी में कुछ फोटुस काल्पनिक तौर पर लिए गए है ताकि सही समझ में आ जाये । 】

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