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एक डांकु की खतरनाक ज़िन्दगी की कहानी । जिसे पड़ कर आप हिल जायेंगे

लोग कहते है ना के खुदा दिल किसी किसी  को ही देता है । लेकिन दोस्तों दिल तो सब के पास होता है पर कुछ लोगो को अपने दिल की बात को समझने में थोड़ा बक्त लगता है जैसे इस कहानी में इन सहाब को लगा था ।




के एक गांब में एक मजदूर परिबार रहता था जो की बहुत गरीब था


  । उस परिबार में तीन सदस्य रहते थे माता पिता और उन का पुत्र शेर सींग जो की 14 बर्ष का था । शेर सींग बहुत ही गुस्सा बाला था




 । इस के अंदर बचपन से ही बहुत गुस्सा भरी हुई थी । शेर सिंग का पिता बहुत ही दयालु सीधा और सज्जन इंसान था । घर में इतनी गरीबी थी के उनके परिबार बालो को कभी कभी एक बक्त का खाना ही नसीब होता था  । शेर सिंग को जब खाना नही मिलता तो अपने माँ बाप को गाली देने लगता । उस का पिता उसे मारता और उसे धमकाता । लेकिन उस में इतनी गुस्सा थी के बो कभी कभी अपने पिता को भी मारने लग जाता था ।
उस की माँ इस बात की हमेसा टेंसन करती के इस बच्चे का ना जाने क्या हाल है और ना जाने आगे क्या गुल खिलायेगा । एक बार  शेर सिंग के पिता को दो तीन दिन तक कोई मज़दूरी नही मिली तो  एक दिन तो शेर सींग के माता पिता ने अपनी भूख को मार कर अपने बच्चे को समय पर ही खाना खिला दिया । लेकिन दूसरे दिन भी कुछ खाने का इंतज़ाम नही हुआ तो उस के पिता जी उस की पत्नी  का मंगलसूत्र गिरबी रखने के लिए बहा के सरपंच के पास गया । उनसे रूपये लाने में उसे थोड़ी देर हो गई । तो अब उसके पुत्र ने घर में हंगामा करना सिरु कर दिया और जब कुछ नही हुआ तो उसने पडोसी के घर में चोरी करने का इरादा किया और चला गया । जब बो चोरी कर रहा था तब किसी तरह पडोसी को पता लग गया और उसने उसे पीटना सिरु कर दिया । तो शेर सिंग ने गुस्से में उस पडोसी के एक जोर दार धक्का दे दिया जिस से उस का सर एक दिबार से जा लगा और उस की उसी बक्त मौत हो गई । शेर सिंग उस घर से पैसे चुरा कर बहाँ से भाग निकला । ये बात उस पड़ोस में जंगल की आग की तरह फैल गई के पड़ोस में मौत हो गई । जब उस का पिता आया तो उस को ये सारी खबर मालूम हुई । कुछ ही देर में वहा पुलिस आ गई और उस के पिता को पूछ ताछ के लिए ले गई । उस की माँ तो इस मंज़र को नही झेल नही पाई और बेहोस हो गई । पुलिस ने उस के पिता से पूछ ताछ कर के बापस भेज दिया ।



 अब तो पड़ोसियों ने उस का जीना बिलकुल ही दुस्बार कर दिया । उस का पिता कहि मजदूरी करने जाता तो उसे भगा दिया जाता था और उसे अब खुनी का पिता कहने लगे । बो जहाँ भी जाता था तो उस की बड़ी बेज्जती की जाती । अब तो बो बहुत ही जायादा परेसान हो गया और घर में गया । उस की पत्नी पानी लेने गयी थी जब घर में किसी को नही पाया तो घर के किबाड़ लगाये और फ़ासी लगा कर खुद खुसी कर ली ।



जब उस की माँ घर आई तो देखा के घर की की अंदर से कुण्डी लगी हुई है उस ने काफी देर तक किबाड़ को बजाया नही खुलने पर बड़ी बिनती कर के किसी पडोसी को लेकर आई । उस ने उस किबाड़ को तोड़ दिया और अंदर देखा तो उस के होस उस गए । की उस शेर सिंग के पिता ने फ़ासी लगा कर आत्म हत्या कर ली थी । अब बो बेचारी अब तो बिलकुल भी गरीब और बेसहारा हो गई । उधर उस का पुत्र शेर सिंग ने लोगो को लूटना सिरु कर दिया और बक्त के हिसाब से बो अब बड़ा और जबान हो गया



। बो इसी तरह कर के एक डाकुओ के गिरो से जा मिला । धीरे धीरे कर के उस के उन डाकुओ को अपने सरदार के खिलाफ भड़का दिया और उस के साथियो पर ही उस सरदार की मृत्यु करा दी और खुद उन डाकुओ का सरदार बन गया ।


उसने सरदार बनते ही खतरनाक तबाही मचाना सिरु कर दिया । लोग अब उस के नाम से भी डरने लगे । जहाँ भी बो जाता तो उस गांब में मातम सा छा जाता था । लोगो को लूटना उन्हें मारना अब उसके लिए सब कुछ आम हो गया था । एक बार बो अपने साथियों के साथ किसी गांब को लूटने जा रहा था कि उसने एक जगह अपनी माँ को देखा




। फाटे कपडे बाल बिखरे हुए । तो जल्दी से भाग कर अपने माँ के पास आया और कहा के माँ आप यहाँ???
पिताजी कहाँ है ??? तो उस की माँ बोली के तेरे पिताजी ने फांसी लगा ली और रोने लगी  ।
तो शेर सिंह को दुःख हुआ और अपने एक साथी से कहा के मेरी माँ के लिए 50000 रूपये दे दो अब से मेरी माँ भी रहीसो की तरह रहेगी । तो उस के एक साथी ने एक बैग में से 50000 हजार रूपये निकाले और उस की माँ के सामने रख दिए । तो उस की माँ ने बो पैसे उस के सामने फेक दिए और कहा के इस हराम की कुमाई को मेरी नज़रो से दूर हटा दो , अबे सर्म कर तेरी इस हरकत की बजह से तेरे पिताजी ने जान दे दी , तेरी इन आदतों की बजह से हमारा बसा बसाया हुआ घर उजड़  गया ,
ये तेरी हराम की कुमाई बहुत रुलायेगी किसी दिन तुझे ।
बेटा छोड़ दे ये गंदा काम , लोगो की हाय मत ले , नही तो किसी की बद्दुआ तुझे बर्बाद कर देगी , मार डालेगी तुझे ।
किस्मत में लिखा होता तो बो जरूर मिलता है तो ये बुरा काम छोड़ दे इस दुनिया में बहुत से काम है मेरी बात मान ले .......
उस की माँ जोर जोर से रोने लगी और उसे समझाती जा रही थी ।
उसे अपनी माँ पर बहुत बुरी तरहा गुस्सा आया
और बहाँ से उठ कर चल दिया । और अपनी मां को रोता हूआ छोड़ कर चला गया । उसने एक गांब पर धाबा बोल दिया और उस गांब में एक किसान की लड़की की सादी थी । बो किसान बहुत ही गरीब था । उसने जैसे तेसे अपनी लड़की की सादी के लिए पैसे जमा किये ।




और शेर सींग ने उस किसान के घर ही हमला कर दिया था । बो किसान शेर सींग के पैरो में अपनी पगड़ी को रख कर उस से दया की भीख मांगने लगा । लेकिन शेर सिंग ने एक ना सुनी और उस मंडप में बैठे हुए दूल्हे को गोली मार कर हत्या कर दी और उस सादी में जितना भी माल और जेबर था सब लूट लिया और लूट कर अपने स्थान पर चला गया । उस सादी में अब मातम छा गया था



। चारो तरफ से रोने की आबाज़ आने लगी उस गांब के लोग शेर सिंग के इस अत्याचार से परेसान होकर गांब छोड़कर चल दिए । लेकिन अब इस किसान के पास तो इतना भी धन नही बचा था के और कहि भी जाकर बस जाये इस लिए उस गांब में एक या दो ही घर रह गए जो की गरीब थे । बो अपनी जगह पर मौज मस्ती कर रहा था


। कुछ दिन बाद शेर सिंग की फ़ौज पर पुलिस ने हमला बोल दिया और काफी देर तक जंग चली और मुटभेड़ में शेर सिंग के सारे साथी मरे


गये और सेर सिंग भी बुरी तरह से जख्मी हो गया था । लेकिन किसी तरह शेर सिंग बहाँ से बचकर भाग निकला और भागता भागता उसी गांब में और उसी जगह जा पहुचा जहाँ उसने उस सादी को मातम बनाया था । सेर सिंग की हालत बहुत गम्भीर हो गई और उसे जोर से प्यास लगने लगी



। अब बो प्यास के कारण तड़पने लगा , जैसे अब उस की जान निकलने बाली हो । एक लड़की बहाँ से पानी भर कर जा रही थी


 उस ने जब उसे देखा तो बो जल्दी से उस के पास आई और उसे पानी पिलाया । इस के बाद उसे एक दिबाल के सहारे से सीधा बिठाया और जल्दी से अपने घर गई और कुछ खाना लेकर आई और उसे खाने के लिए दिया । शेर सिंग ने बो खाना खाया फिर उस के अंदर थोड़ी जाना आई । शेर सिंग ने उस से पूछा के आप कौन हो ?
तो उस लड़की ने जबाब दिया के मै बो ही लड़की हु जिस की सादी को तूने मातम बना दिया था । जिस के बाप को बर्बाद कर दिया था ।
जिस के गांब को बिलकुल भी तबाह और बर्बाद कर दिया था ।
शेर सिंग ने जब ये बाते सुनी तो उसकी आँखें फटी के फटी रह गई । और आँखों से आंसू निकलना सिरु हो गए ।
और बोला के फिर आपने मेरी इतनी मदत क्यों की आपको तो मुझे मार देना चाहिए । मेरे इतने जुल्म के बाबजूद भी इतनी मदत...????
तो बो लड़की बोली के हमारे अंदर सिरु से दया भाबना है । और जो किस्मत में लिखा होता है बो होकर रहता है ।
में आपसे कुछ नही कहूंगी मेरा सिर्फ ये कहना है के ये काम छोड़ कर कोई अच्छा रास्ता पकड़ो क्यों की  दूसरो को लूट कर कोई इंसान आराम से नही रह पाया है बल्कि उस की ज़िंदगी और बत्तर हो गई है । इतना कह कर बो लड़की बहाँ से उठ कर चली गई रोटी हुई चली गई । अब शेर सिंग को अपने किये पर पचताबा होने लगा और रोने लगा । सेर सिंग अपने  आप को माफ़ नही कर पा रहा था । और बो बहाँ से उठ चल दिया चलते चलते जब बह हैरान हो गया तब बो एक पेड़ से सहारा लगा कर बैठ गया और फिर अपने आप को कोसने लग गया के दुनिया के अंदर कैसे कैसे लोग है जो कितना गम झेल लेते है और मुझ पर  थोड़ा सा भी गुस्सा नही झिलता....
उस की आँखों में से आंसू बह रहे थे । बो आसमान की तरफ नज़रे कर के सोच में डूबा था  । के उस की नज़र एक खजूर के सूखे हुए पेड़ पर पड़ी ।




 और बो देखता है के एक पंछी अपने मुंह में दाना लाता है और उस पेड़ के ऊपर जाकर डाल आता है ।





फिर जाता है और दाना लाता है और फिर डाल आता है । जब की उस पंछी का बहाँ घोसला भी नही था । और ना ही उस के बच्चे थे ।
काफी देर तक बो उस पेड़ पर दाना डालता  रहा । फिर अपनी चोंच में पानी लाना सिरु कर दिया और पानी लाता रहा । शेर सिंग ने जब ये मंज़र देखा तो उस से रहा नही गया और उस पेड़ पर जैसे तैसे कर के चढ़ने की कोसिस करने लगा लेकिन जख्म ताज़ा थे इस लिए चढ़ना मुश्किल हो रहा था पर फिर  भी बो जैसे तैसे कर के चढ़ गया और देखता है के एक अँधा साँप अपना मुंह खोले बैठा है


और बो पंछी उसे खाना खिला रहा है । तो बो सोचने लगा के ईसबर इसे ऐसे हाल में भी किसी भूखा नही मारने दे रहा तो मै तो सही सलामत हु और कुमाकर खा सकता हु । पर पहले अपने गुनाहों की सजा काटूंगा । फिर बह पेड़ से नीचे उतरा और सीधा अपनी माँ के पास गया और माँ से माफ़ी मांग कर पुलिस स्टेसन गया और अपने आप को सरेंडर कर दिया । कोर्ट ने उसे दस साल की सजा सुनाई । शेर सिंग को जब दस साल पूरे हो गए और जब भार आया तो बो अपनी माँ से मिलने पहुचा तलास करने पर किसी ने बताया कि उस की माँ को मरे हुए आज तीन साल हो गए है । लेकिन बो  तुम्हारे बदलने पर खुस थी । शेर सिंग की आँखों से आंसू आ गए और बो अब इस गांब को छोड़ कर बहुत दूर चला गया और वही अच्छी तरहा रहने लगा काम कर के धन कुमाता और इज़्ज़त से रहता था ।

【 दोस्तों ये सिर्फ एक कहानी है इस का किसी भी घटना से कोई संबंध नही है ।】
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