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इंसानो से ज्यादा जानबर बफादार होते है कैसे...? जानने के लिए जरूर पड़े...।

एक किसान  बहुत ही गरीब था बो इतना गरीब था
 के बो अपने परिबार बालो के लिए एक बक्त का खाना भी बड़ी मुश्किल से जोड़ पाता है । उस के पास एक ऊँट और ऊँटनी थे
।  जो हमेसा उस का साथ देते थे । जिनसे बो लोगो के खेतों में हल चलाकर और कुछ काम कर के अपना गुजारा करता है । लेकिन किसी बीमारी की बजह एक दिन उस का ऊँट मर गया । और ऊँटनी कुछ दिनों में माँ बनने बाली थी । तो बो अब बहुत दुखी हो गया । कुछ तो उस को अपने ऊँट के जाने का गम
 और कुछ अपने परिबार का गम के अब उनको कैसे कुछ कर के खिलाये । लेकिन उसने हिम्मत नही हारी और बो अब अपने खेत में जो की कई बरसो से बंजर पड़ा था  उस में कुछ नही उगता था । उसने उस खेत को अपनी ऊँटनी की मदत से जोता और उसमें ही महनत की तो उसे अच्छी फसल दिखी । लेकिन उस कड़ी मेहनत से उस की ऊँटनी बीमार हो गयी । और अब बो बीमार रहने लगी । ऊँटनी ने कुछ दिनों बाद एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन बो उस को जन्म देने के कुछ ही पल के बाद मर गई । अब तो किसान जैसे बिलकुल ही टूट गया  और रोने चिल्लाने लगा
। किसान अपने आप को कोसने लगा के अगर म उसे इस हालत में अपने खेत में काम नही लेता तो बो नही मरती । बो हमेसा अपने आप को कोसने लगा रहता । इस पर लोगो ने उसे समझाया के सब किस्मत का खेल है । जिस की मौत जब लिखी होती है उसे आकर ही रहती है । तो फिर किसान ने कसम खाई के बो उस के बच्चे को अपने बच्चे की ही तरह प्यार करेगा और उन्ही की तरहा पालेगा । 
किसान उस ऊँट के बच्चे को बहुत अच्छी तरह पालता और उन्हें इतना ही प्यार करता जितना अपने बच्चे को करता । बक्त गुजरता गया । उस के बच्चे भी उस ऊँट के साथ खेलते और उसे अपने भाई के जैसे ही प्यार करते । धीरे धीरे बो एक जबान ऊँट बन गया गया और बो अब किसान के हर काम में मदत करता । किसान उस से बहुत काम करता । लोगो के खेतों को जोतता , उनके सामान लाने में उसकी मदत करता । एक दिन किसान अपने ऊँट के साथ कहि से आ रहा था के रास्ते में बहुत अँधेरा हो गया । तो कुछ गुंडों ने उसे घेर लिया । और उस पर हमला कर दिया । तो उस ऊँट ने उन गुंडों से अपने मालिक को बचाया और उन गुंडों को मार कर बहाँ से भगा दिया । और अपने मालिक को सही सलामत घर ले आया । इस से मालिक को अब उस ऊँट से और ज्यादा प्यार हो गया और अब तो बो उस का पूरा ख्याल रखता । बो ऊँट इतना महंती था के पूरे दिन मालिक के साथ काम करने के बाद भी नही थकता था और उस ऊँट से उस के मालिक ने इतना रुपया कुमाये के अब बो खूब धनी आदमी हो गया । बो ऊँट अपने मालिक की पैरो की आहट से समझ जाता था के अब मालिक क्या चाहता है
और अब मुझे क्या काम करना है । जब बहाँ के सरपंच को ये बात पता लगी के कोई ऐसा ऊँट है जो आदमियों की बोली को पहचान लेता है तो उसने उस ऊँट को देखने की इक्छा जाहिर की और उस किसान के पास आया । जब उस ने उस ऊँट के कारनामे देखे तो उस के दिल में उस ऊँट को खरीदने की इक्छा हुई । और उसने उस ऊँट की कीमत  जो बहाँ का सबसे बढ़िया ऊँट होता था उस ऊँट के मुकाबले उस की कीमत 700 गुणा ज्यादा लगा दी । यानि उस बक्त एक ऊँट की कीमत 100 रूपये हुआ करती थी तो उसने उस ऊँट की कीमत 70000 रूपये लगा दी । जो उस जमाने में बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी । लेकिन किसान ने कहा के ये ऊँट नही है ये कोई जानबर नही है ये मेरा बेटा है मेरी जान है । अगर आप पूरी दुनिया की दौलत भी मेरे कदमो में डाल दो तब भी मै अपने ऊँट को नही बेचूंगा । इस बात को उस का बड़ा बेटा सुन रहा था उसके मुंह में इन पैसो को सुन कर पानी आ गया और उसने उस ऊँट को बेचेने की बात कही , के पिताजी ये एक जानबर ही तो है और जानबर जानबर ही रहता है । क्या तुम्हे अपनी औलाद की फ़िक्र नही ...???
क्या तुम नही चाहते के हम भी और लोगो की तरह खूब मजे करे ,...???
 क्या तुम नही चाहते के हमारे भी पास खूब मॉल हो ...????

तो उसके पिता ने उसे एक झापट मारा और कहा के आज जो तू ये दोनों बक्त की रोटी सुख और चैन के साथ खा रहा है ना ये सब इसी की बदौलत है । आज जो तू तेरे बाप को जिन्दा देख रहा है ना ये सब इसी की बदौलत है । अगर तू ये घर छोड़ कर जाना चाहता है तो बेसक जाओ मुझे कोई फर्क नही पड़ता । लेकिन अगर तूने मेरे इस बेटे 【ऊँट】 को कुछ कहा या इसे कुछ करने की कोसिस की तो मै तुझे नही छोडूंगा ।
इस बात को सुनकर उस के बेटे को बहुत गुस्सा आया आया और उस ने उस ऊँट को मारने की ठान ली । बक्त गुजरता गया अब बो ऊँट काफी साल का हो गया था । अब उस के माँ बाप भी बूढ़े हो गए और ऊँट भी   । लेकिन अब उस का बेटा बिलकुल जबान हो गया था । और उसने अब भी उस ऊँट से बदला लेने की ठान रखी थी । उसका पिता उस ऊँट से अब कम काम लेता क्यों की अब बो कमजोर सा हो गया था । एक दिन उसका बेटा अपने बाप से बोलने लगा के पिताजी बारिस हो रही है मै अपने खेत को जोत आता हूं । पिता ने उस से कहा के बेटा बारिस हो रही है और अपने खेत में पत्थर ज्यादा है । और ऊँट अब कमजोर हो गया है अब इस से इतनी मेहनत नही होगी । लेकिन अब घर में बेटे की चलने लगी थी तो उसने अपने बाप से कहा के अगर ये जानबर किसी काम का नही है तो क्यों इसे घर में रखा हुआ है इस को कहि भगा क्यों नही देते । या इस को मार क्यों नही देते ...!!!
तो बहाँ बैठा ऊँट सारी बाते सुन कर समझ गया और बो अपने आप खड़ा हुआ और खेत की तरफ चलने लगा ।
उस के पिता ने उस से मना किया , लेकिन उस की आँखों में आंसू आने लगे ...!
उस का पिता सब कुछ समझ गया और उसने कुछ ना कहा । ऊँट आगे आगे चल रहा था और बेटा पीछे पीछे । बो उस खेत में पहुच गए और काम सिरु कर दिया । बेटे को तो उस से बदला लेना था बस और कुछ नहीं । उसने ऊँट के हल बाँदा और उसे भरी बारिस में जोतना सिरु कर दिया । पथरीली जमीन थी उस को जोतना बहुत टेडी खीर था लेकिन बो अपने कमजोर  होने के बाद भी लगा रहा और मेहनत करता रहा । उस के अच्छी तरहा हल को चलाने के बाद भी बो उसे लगातार मारता और पीठता चला जा रहा था ।
और उस को बे बजाह भगा भगा कर रहा था । ऊँट उस को अपना भाई मानता था इस लिए ऊँट उस की हर तकलीफ को सहन कर रहा था । उस के ज्यादा भगाने के कारण अचानक उस का पैर फिसल गया और बो नीचे गिर गया नीचे गिरने से उस ऊँट की रील की हड्डी टूट गई । लेकिन बो कमीना उसे अब भी खड़े करने के लिए मारे जा रहा था । और ऊँट अपनी तकलीफ और दर्द की बजह से चिल्लाने और दहाड़ने लगा । उस की दहाड़ को जब किसान ने सुना तो दौड़ा हुआ खेत की तरफ आया और ये मंज़र देखा तो उसने अपने बेटे को बड़े जोर से धक्का दिया और उसे भाँ से हटाया । किसान ने जब देखा की ऊँट की रील की हड्डी टूट गई है तो उसने अपने बेटे को गालियां देना सिरु कर दिया और उस को बहुत बुरा भला कहना सिरु कर दिया । किसान अपने ऊँट को इस हालत में देखकर रोने लगा । उस का बेटा उसे बही छोड़कर आ गया । उसके पिता ने जैसे तैसे कर के उस ऊँट को खड़ा किया और और उसे घर ले आया । किसान उस का ख्याल रखता । लेकिन उस की कमर टूट जाने के कारण अब बो कहि भी चल फिर नही सकता । और बो कभी कभी तेज़ दर्द होने के कारण दहाड़ मार के रोने भी लग जाता था । किसान भी उस के साथ रोने लग जाता । लेकिन उस का बेटा उस से परेसान हो गया और अब उसने उसे जान से मारने की सोची की इस को बिलकुल ही खत्म कर दिया जाये । और बो घर में से बन्दूक ले आया उसे मारने के लिए । जब बो उस पर निशाना साध रहा था तो उस के पिता को पता लग गया और बो उस बन्दूक के सामने आ गया  । और कहने लगा के अगर तू इसे मारना चाहता है तो पहले हमें मर दे ....! क्यों की में अपने बेटे को अपनी आँखों के सामने मारते हुए नही देख सकता । तो उस का बेटा बोला के ओ बुड्ढे  ये जानबर और अब ये हमारे किसी भी कम का नही रहा । इसने हमारी रातो की नींद हराम कर रखी है , इसने हमारा रहना दुस्बार कर रखा है अगर तुझे ये तेरा जानबर बेटा इतना ही पंसद है तो तुम इसे लेकर  कहि दूर जाकर मरजाओ । निकल जाओ इस घर से.... उस के बेटे से उसने कहा के तू इस घर में रह ले मै और तेरी माँ और ये मेरा लाचार बेटा हम कहि दूर चले जायेंगे । तू रह यंहा रह ले ...।
उसने कुछ मेहनत कर के उस ऊँट को खड़ा किया और उसको अपने उसी बंजर खेत में ले गया और बहाँ एक हलकी सी झोपडी डाली और उसने अब बहाँ ही रहना सिरु कर दिया । कुछ दिनों के बाद जब ये सारी कहानी का पता बहाँ के सरपंच को चला तो बो उस ऊँट और उस के मालिक से मिलने उन के पास आया । सरपंच को उस ऊँट और उस के मालिक पर बड़ी दया आई । उसने उस के मालिक को कुछ पैसे दिए और जानबरो का अच्छा सा डॉक्टर सहर से उसने उस ऊँट के इलाज़ के लिए बुलाया । उस सरपंच ने हर तरह से उस किसान और ऊँट की मदत की । इससे अब बो ऊँट जल्दी ही अच्छा हो गया और बिलकुल पहले जैसा हो गया । अब किसान ने सरपंच को धन्यबाद कहा और फिर से मेहनत सिरु कर दी । लेकिन बो उस से ज्यादा काम ना लेता था । बस इतना कुमाता के जिस से उस का घर खर्च चल जाये । लेकिन ऊँट बड़ा ही समझदार और होशियार था बो इंसानो की हर बात को समझता था , तो लोग उसे देखने आते और उस से किसी काम की कहते तो बो कर के दिखा देता इस से खुस होकर लोग उस के मालिक को इनाम भी देते । अब किसान के पास उस की इनाम से ही बहुत धन हो गया इस लिए उसने मेहनत बंद कर के उस के कारनामो से पैसा कुमाने लगा ।
अब रही बात उस के बेटे की ???
जब गांब के लोगो को पता लगा के इसने अपने बाप के ऊँट को बुरी तरह मारा और अपने बाप को बहाँ से भगा दिया तो गांब बाले अब उसे अपने पास नही बैठने देते,
बो जिस के भी पास किसी काम की तलाश में जाता उसे भगा दिया जाता , उसे कोई काम नही देता । यहाँ तक की उसे कोई एक अन्न का दान भी भीक में नही देता ।
तो अब उस के भूखे मरने के आसार आने लगे , पहले तो बो उस ऊँट के दुआर कुमाई हुई पूजी से अपना खर्च चलता लेकिन अब बो क्या करे । जब भूक ने ज्यादा ही सताया तो उसने अपने बाप के पास जाने का निश्चय किया ।
फिर जब बो हिम्मत कर के बहाँ गया तो उस के बाप ने उसे घर से धक्का दे कर बहार निकाल दिया । बो फिर अपने बाप के पास आकर रोने लगा और अपने बाप के पैरों में पड़ गया लेकिन उसके बाप ने एक न सुनी । जब उस के ऊँट को ये बात पता लगी तो उसने अपने मालिक के पैर पकड़ लिए और उसके बेटे को रखने का इशारा करने लगा । उस ऊँट ने उस के बेटे के हाथ पकड़ कर अपने मालिक के सामने किया और ऊँट उससे जैसे उसे माफ़ करने की बिनती करने लगा....।
इस मंज़र को देख कर उस के बेटे की आँखों में भी आंसू आ गए । और उसने उस ऊँट और अपने बाप से बहुत रो रो कर माफ़ी मांगी । उसे अपनी गलती का अहसास हो गया था । किसान ने भी अब उसे माफ़ कर दिया । और बो अपने पुराने घर चले गए । अब बेटा भी उस ऊँट के साथ अच्छे से रहने लगा और उसे अपने भाई की तरह प्यार करने लगा ।


तो दोस्तों इस कहानी से क्या बात सिखने को मिली क्या आप बता सकते है ????
के जो जानबर होते है बो अपने मालिक के साथ कभी गद्दारी नही करते । बो अपने मालिक के साथ हमेसा बफा करते है । चाहे मालिक उसे भूल जाये लेकिन जानबर मारते दम तक अपने मालिक का साथ देता है ।
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महबूब की आँखे....
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