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Monday, April 10, 2017

अरे बाप रे दूसरी दुनिया मे फस गए...!! फुल हँसी मज़ाक की कहानी

एक सहर बने एक बड़ा ही रहीश आदमी रहता था ।



 उस के एक लड़का था जिस का नाम था चुलबुल । 



चुलबुल बहुत ही जिद्दी लेकिन डरपोक भी बहुत था । जब बो किसी भी काम की जिद कर बैठता तो उसे पूरा कर के ही दम लेता था । और उस का पिता भी उससे कुछ मना नही करता था क्यों की बो उस का इकलौता पुत्र था । चुलबुल के पिता के पास इतनी दौलत थी के बो अगर पुरे हबाईझाज (पिलेन) को भी खरीद ले तो भी उस की दौलत में कुछ फर्क ना आये । चुलबुल के तीन दोस्त और थे । राकेस , राजेश और  आशिक । हाय .... ।



 इन का तो क्या ही कहना ?? इतने चालाक और काम चोर के इनकी जितनी बुराई की जाए कम है । इन्होंने चुलबुल  को दोस्त ही इस लिए बनाया ताकि खूब ऐस कर सके । और आपको क्या बताऊँ दोस्तो ये कर रहे है ...
क्या..?
ऐश.........।।।।
ये चुलबुल को चना के झाड़ पर चिड़ा देते " यानी उस से पैसे ऐंठने के लिए उस की झूटी तारीफ़ करने लगे रहते और बो भी साला बहुत  ही बड़ा बड़ाईखोर था जो उन की बातों में फटा फट आ जाता और जैसे बो बोलते कर देता  ।
एक दिन ये तीनो दोस्त एक जगह बैठे हुए थे और अपने दोस्त चूलबुल का इंतज़ार कर रहे थे की उनमे से  राकेस बोला हम लोग आस पास तो बहुत  घूम लिए अब की बार कहि दूर चलते है घूमने के लिए । तो आशिक बोला अबे तेरे पास तेरे घर तक जाने के लिए रिक्सा को बाले को पैसे नही है बहार का अल्लादीन के चिराग के साथ जायेगा ।
तो राजेश बोला अरे बीरू जलता क्यों है अपने पास अपनी ATM मसीन है ना चुलबुल ।
तो राकेस बोला तुझे होस है के बो अपने बाप का इकलौता पुत्र है और उसे उसका बाप बहुत प्यार करता है  बह उसे हरगिज़ नही जाने देगा । उसे थोड़ी देर भी घर जाने में हो जाती है तो उस का पिता अपने आदमियो को सड़कों पर दौड़ा देता है तो इतनी दूर कैसे जाने देगा ।?
आशिक = जाने देगा बीरु जरूर जाने देगा ।
अगर बो पागल खुद जिद करे तो ? क्यों की उस की जिद के आगे उसके बाप को भी झुकना पड़ता है




 ।ये बात राजेश को समझ मे आ गई । फिर राकेस भी समझ गया ।
इस बात पर बो तीनो राजी गए  फिर उन्होंने पिलान बनाया के उस को उस के बाप के हेलीकॉप्टर को लाने के लिय उसे  राजी करते है ।



 और उस से कहि दूर घूमने चलते है जहां इंसान की जात ही ना हो बहाँ घूम कर आते है । तो इतने में उनका दोस्त चुलबुल आ गया । उनमे से एक बोला के चुलबुल आज तो बड़ा अच्छा लग रहा है कितना सुंदर लग रहा है बे आज तो तू
 । तो चुलबुल अपनी इस प्रसंशा से बहुत खुश हुआ....
चुलबुल बोला के आज कहा जाने का पिलान है।
राजेश- कहाँ जाये यार पूरा शहर तो घूम रखा है अब तो कहि दूर जाने का पिलान है ।
चुलबुल - लेकिन कहा?
आशिक - जहाँ नादिया हो , झरने हो , पहाड़ हो और बहाँ का मौसम सुहाबना हो ।
चुलबुल  - लेकिन ऐसी जगह तो आस पास कहि नही है ये तो बहुत दूर है । यहाँ तक तो अपनी गाड़ी भी हैरान हो जायेगी ।
राजेश - एक चीज़ है जिस से हम सिर्फ तीन या चार घण्टे में पहुच जाएंगे और अच्छी तरह घूम कर जल्दी बापस भी आ जाएंगे । बस तेरे अंदर दम होनी चाहिए ।
चुलबुल  - लेकिन कैसे और क्या करूँ ? तू बोल तो सही ।
आशिक - तुझे तेरे बाप का हेलीकाप्टर लेना है बोल राजी है ।



चुलबुल - मर्बायेगा क्या ? तुझे पता है ना के मेरे पिताजी का मै इकलौता पुत्र हु बो मुझे कहि नही जाने देगा ।
राजेश -  तो घूम ये गालिया ये चौबारा
               यहाँ आना ना दोबारा के हम तो चले घर को के तेरा यहाँ कोई नही ।
चुलबुल कुछ देर सोच में पड़ जाता और फिर ।
चुलबुल - ठीक है ठीक है में जाकर लेकर आता हूं तुम अपना सामान पैक करो ।
चुलबुल अपने घर जाता है और अपने पिता से घूमने के लिए हेलीकाप्टर को माँगता है ।




 लेकिन उस के पिता उस से मना कर देते है पर बो जिद्दी था लेकर ही माना ।
उस के पिता ने एक पाइलेट को उस के साथ हेलीकाप्टर चलाने के लिए भेजा और जल्दी आने को कहा ।
चुलबुल उन तीनों को बुलाकर ले आता है और पूरी तैयारी के साथ बो चारो और पाइलेट बहाँ से रबाना हो लेते है




 । चलते चलते बहुत दूर पहुच गए  ।  पाइलेट उतरने का पिलान बनाता तो बो तीनो चुलबुल को भर देते के अभी और दूर चले नही तो तुझे सस्पेंड करा दूंगा । और चलेगा तो सेलेरी बड़बा दूंगा


। चुलबुल ऐसा ही बोल देता । बो अब काफी दूर चल चुके थे चलते चलते हेलीकाप्टर का इंज़न गर्म हो गया और  हेलीकाप्टर में खराबी आने लगी पाइलेट इस खतरे को समझ गया और उन्हें बिना कुछ बताये हुए हेलीकाप्टर से पैराशूट के साथ कूद गया ।




बो तीनो समझे नही के ये क्यों कूदा अब तीनो की फटने लगी क्या करे ? आशिक जल्दी से आगे बढ़ा और उसे सभालने लगा । जैसे तैसे आड़ा  तिरछा उसे उड़ा रहा था के इंज़न में आग लगना सिरु हो गई ।




अब तो बिलकुल ही फट गई । चारो ने जल्दी से अपना अपना बैग लिया और जल्दी से पैरासूंठ बाँदा और कूद गए ।





 बो नीचे गिरते गिरते बेहोस हो गए । जब चार पांच घण्टो में होस आया तो देखा के उन्हें चारो तरफ से एक राजा के सेनिको ने उन्हें घेर रखा है और उनके हाथ में भाले है । और लोग उन्हें देखने के लिए जमा हो रहे है कोई इन्हें आसमानी शैतान बता रहा है



 तो कोई दूसरी दुनिया का प्राणी बता रहा है । लोगो की खतरनाक भीड़ हो गई । जब उन्होंने उन सैनिको



को देखा तो पहले डरे लेकिन फिर अचानक ही खड़े होकर जोर जोर से नाचने लगे और खुसी से चिल्लाने लगे



। क्यों की बो इसे फिल्म की कोई सूटिंग समझ रहे थे


। क्यो की राजाओ का सासन तो कब का गया और ये सोच रहे थे के हम बच गए ।


लेकिन इन्हें ये पता नही था के अब ये दूसरी दुनिया में आ गए है जहाँ राजाओ का सासन चलता है ।



 उन की इस चीख पुकार को सुन कर आधे से डर के मारे भाग गए आधे से पेड़ पर छिड़ गए उन से राजा के सैनिक भी डर गए लेकिन



 उन सैनिको ने उन्हें हिम्मत कर के बंदी बना लिया और उन्हें राजा के पास ले चले । तो चुलबुल बोला ओ सालो हम कोई फिल्म में नही है । हमे कहाँ ले जा रहे हो ।
जब उन्हें राजा के पास लाया गया तो उन्हें पता लगा के हम दूसरी दुनिया में आ गए हमारी दुनिया से बहुत दूर ।



राजा भी उन्हें देखकर हैरान रह गया




 क्यों की उनके अलग कपडे जूते हाथ में घड़ी ये सामान देखा तो राजा ने उनसे पूछा के कौन हो तुम ?
आशिक - हम इंसान ही है राजा सहाब और हमारा हेलीकाप्टर खराब हो गया है
राजा समझा नही के हेलीकॉप्टर क्या होता है । और राजा ने फिर पूछा के तुम कौन हो और कहाँ से आये हो ।
तो इन्होंने कहा के हमारा हेलीकाप्टर खराब हो गया है और हम बड़ी दूर के है ।
राजा हेलीकाप्टर को समझ नही पा रहा था और ये बार बार ये ही बोल रहे थे तो राजा ने उन्हें गुस्से में इन्हें काल कोठरी में बंद करा दिया ।
अब चुलबुल बोला के सालो और आ जाओ बड़ी दूर घूमने , घूमो अब तो इस काल कोठारों में तो एक गली के बिराबर भी जगह नही है  ये तीनो चुप थे । रात ज्यादा हो गई तो राजेश ने अपना मोबाइल निकाला और फिलेश लाइट चालु कर ली



 । उस लाइट को देखकर  उस जगह एक हड़कंप सा मच गया सब सैनिक उस लाइट को बड़ी गौर से देखने लगे  । एक सैनिक जल्दी से भागता हुआ राजा के पास गया और बोला के महाराज उन के पास एक ऐसा यंत्र है जो की बहुत जोर से चमकता है उस ने सारि कालकोठरी में उजाला कर रखा है । राजा भी दौड़ता हुआ आया और उसे देखकर बड़ा हैरान हुआ । और उनको बाहर निकालने का आदेश दिया । राजा ने बो मोबाईल पकड़ा और उस लाइट को बड़ी गौर से देखने लगा और जोर जोर  चिल्लाकर कहने लगा के पूरी दुनिया में सबसे तेज़ चमकने बाला हीरा अब मेरे पास है राजा अब उनसे बड़ा खुस था  । और राजा ने अब उन्हें अपने महल में सोने के लिए बिस्तर लगवा दिए । राजा उस मोबाइल को इसी हाल में अपनी रानी को बताने ले गया । तो रानी भी बड़ी खुस हुई अब तो बात पूरे महल में फेल गई । लेकिन एक प्रोबलम उन चारों को फिरसे सताने लगी के अगर इस मोबाइल का चार्ज खत्म हो गया तो ना जाने अब ये हमारा क्या हाल करेगा ।
राजा ने उसे अपने सिरहाने पर सजा दिया और सो गया । सुबह जब हुई तो देखा के मोबाइल लाइट बंद है तो राजा ने उन्हें बुलाया और कहा के इस यंत्र  ने चमकना बंद कर दिया है इसे सही करो मेरे पास दूर दूर के महमान  इसे देखने आ रहे है अगर ये नही चमका तो मैं तुम्हारे प्राण निकाल दूंगा क्यो की मेरी इज़्ज़त का सबाल है समझे इतना कह कर राजा बहा से चला गया  । अब तो उनकी जान हलक को आ गई । और चुलबुल ने फिर उन्हें ताना देना सिरु किया और रोने लगा ।
तो राजेश ने कहा के रोता क्यो है बे साले मेरा मोबाइल है ना इस की लाइट को दिखा दूंगा लेकिन मुझे फिर मोबाइल दिला देना । चुलबुल हां मेरे बाप बचेंगे तब तुम्हे सब कुछ दिला दूंगा । राजा के महल में मेहमान आने लगे आस पास के सभी राजाओ को बुलाया गया और उन चारों को भी बुलाया गया जो कि सब से अलग दिख रहे थे फिर राजा ने कहा के मित्रो मेने एक हीरा जो कि इतना चमकदार है जो कि मेरे पूरे महल में उजाला कर सकता है और  उसे मेने इन दूसरी दुनिया के प्राणियों के दुआरा मगबाया है जिसे देखकर आप की आँखे चकाचोंध हो जाएंगी । तो सभी ने उसे देखने का बड़ा आग्रह किया फिर राजा ने महल के अंदर थोड़ा अंधेरा कराया और उनकी तरफ इशारा किया ।
राजेश ने उस अंधेरे में जाकर उस मोबाइल की फिलेश लाइट चालू की तो सब ताज्जुब से देखने लगे और हैरान हो गए कि इतना चमकदार हीरा तो हमने कभी नही देखा । उस के बाद उन राजाओ ने उस मोबाइल की बड़ी बड़ी कीमते लगाना सिरु कर दी ।
तो राजेश उन तीनो दोस्तो से फुसफुसाया के साला मुझे तो पता ही नही था के मेरे इस कबाड़ा मोबाइल की इतनी कीमत भी लग सकती है । कास ये कीमत मुझे मिल जाये तो मैं साला अपने यहाँ से सारे कबाड़ा मोबाइलों को लेकर आउ जिनकी फिलेश लाइट चालू  हो । और यहाँ बेच दु ।
राजा ने उस मोबाइल को उसे दे दिया जो सबसे ज्यादा कीमत लगा रहा था । तकरीबन हमारे यहाँ के उसने तीन करोड़ उस मोबाइल की कीमत लगा दी थी ।
बो राजा उस मोबाइल को इसी हाल में लेकर चला गया और राजा ने इन्हें अब खूब इज़्ज़त दी लेकिन इनके तो फिक्र थी के कब यहाँ से भागे क्यो की उस मोबाइल की बैटरी लुल्ल हो गयी तो मारे जाएंगे । इस लिए बहा से भाग निकले । और  चलते चलते बो एक जंगल मे पहुच गए बहा पर एक कुम्हार रहता था



 जो कि मटकी बनाता था  । बारिस का सा मौसम हो गया और तेज़ आंधी चलने लगी तो बो तीनों उस कुम्हार के घर मे घुस  गए बहा एक कुम्हार अपनी कच्ची मटकी को लेकर बैठा था । तो बो इनको देखकर डरा लेकिन इन्होंने समझाया के हैम इंसान ही है दूसरी जगह रहते है । फिर उस कुम्हार से चुलबुल ने पूछा के काका क्या आपको यहाँ जंगल मे सेर चीते से डर नही लगता ?
तो कुम्हारा बोला के बेटा मुझे तो सेर बेर से डर ना लागहे मेंन तो बस टपका से डर लागे है




कुम्हार का मतलाब बरसात के टपके से था  उधर उस कुम्हार की कुटिया के पास एक सेर खड़ा था जो कि इंसानो की भासा को समझता था । उस ने जब सुना के टपका ...?
ये साला टपका कौन है ये जरूर मुझ से भी बल साली ओर ताकतबर जानबर है । निकलले बेटा नही तो टपका आ गया तो अपुन को टपका देगा




 । सेर वहाँ से दबे हुए पामो से भाग लिया ।



इतने में एक गरीब आदमी इन चारों के पास आया और कहने लगा के महाराज आप दूसरी दुनिया के प्राणी हो मेरा गधा कहि खो गया है आप इस का पता लगा देंगे तो मैं आपका आभारी होंगा ।




चुलबुल अपनी तारीफ सुनकर फूला नही समा रहा था इस लिए उस से चुलबुल ने जोस में कह दिया के जाओ आपका गधा आपके घर बंधा हुआ मिलेगा आपका घर बता दो हमे । उस आदमी ने उसे अपना घर बता दिया जब बो चला गया तो तीनों इसे मिलकर मारने लगे के साले हम से अपनी मक्खी तो उड़ाई नही जा रही तूने यहां रहम करना भी सिरु कर दिया , जा बेटा तू ही देख हमे कोई मतलाब नही ....
फिर चुलबुल बोला के सालो कुत्तो तुम्हारी बजह से मेरा बाप का हेलीकाप्टर मिट्टी में मिल गया मैं अपने बाप की इकलौती संतान आज तुम्हारे साथ जानबरो की तरह रह रहा हु मेने कुछ कहा । अबे सालो अब तो यही मरना है इससे अच्छा है कोई पूण्य कर के मारे ।
लेकिन उन तीनों ने आने से मना कर दिया तो चुलबुल हिम्मत कर के अकेला ही निकल गया काफी ढूढा और रात भी काफी हो गई । उजाले के लिए भी कुछ नही । जब बह बापिस आ रहा था तब उस की एक जानबर पर निगाह पड़ी जो कि एक पेड़ से सहारा लेकर बैठा था




 तो उसने उसे उस का गधा समझा और उस का कान पकड़ लिया लेकिन बो शेर था रात में दिखा तो है नही बो उस के कान को पकड़ कर उस आदमी के घर की ओर चल दिया और शेर भी चुपचाप चल रहा था



क्यो की उसने सोचा के ये साला तो बही टपका है जिस के बारे में बो कुम्हार बोल रहा था चुपचाप चलने में ही फायदा है  बीड़ू नही तो ये साला पता नही क्या हाल करेगा । ये सोच कर शेर चुपचाप चले जा रहा था उस ने अपने कान को भी नही हिलाया ।
चुलबुल ने शेर को रात में उस धोबी के घर लाया और बहाँ पड़ी हुई रस्सी से उन्हें बांध दिया । और बो फिर उन तीनों के पास जा मिला । और कहने लगा के ज़िन्दगी में पहली बार इतना पूण्य का काम किया है । के मेरी आत्मा खुश हो गई ।
जब बो धोबी सुबह जागेगा ओर अपने गधे को देखेगा तो मुझे कितनी दुआए देगा मालूम नही है । कितना खुस होगा बो ....। कुम्हार भी उस से बड़ा राजी हुआ
और उनके लिए सोने का इंतिज़ाम किया । सुबह जब उन की आँख खुली तो चुलबुल अपनी तारीफ सुनने अपने साथियों के साथ उस धोबी के घर पहुँच गया और देखा कि काफी भीड़ लगी हुई है ।


 जब बो पास गए तो देखा कि एक शेर उस धोबी के घर के पास बंधा हुआ है । बो तीनो चुलबुल की तरफ बड़े आश्चार्य से देखने लगे कि ये साला गधा समझ कर शेर को पकड़ लाया । इतने में बो धोबी उस के पामो में गिर गया और कहा के महाराज मेने आप से मेरे गधे को लाने के लिए कहा था आप ये शेर को क्यो ले आये । लोग उन्हें अब बड़ा बलसाली ओर निडर समझ रहे थे । कि ये खबर बहाँ के राजा को पता लग गई के एक आदमी शेर को हाथों से जिंदा पकड़ कर ले आया है । तो राजा ने उन्हें बुलाया और उन की खूब खातिर की  । फिर राजा ने उन्हें अपनी सेना का मुख्य सेनापति बना दिया और  पड़ोस के राजा को जंग का न्योता भेज दिया और बता दिया के हमारी सेना में ऐसे चार नौ जबान है जो शेर का भी कान पकड़ कर उन्हें ले जाते है निडर है ।
अब दूसरी तरफ ने राजा ने भी जंग को स्वकार कर लिया और अब दोनों तरफ से तैयारियां सिरु हो गई । चुलबुल के बारे में राजा को पता लगा के शेर को पकड़ कर ये लाया था तो उसे सेनाध्यक्च बना दिया और पूरी बागडोर उस के हाथ में दे दी । तो चुलबुल बोला के महाराज मुझे तो सिर्फ आप पांच सौ सैनिक दे दो बस में उनके सहारे से ही आपको जीत हासिल करता दूंगा । लेकिन मेरी एक छोटी से मांग है के आप 504 मच्छर दानी मांगबा दो


। राजा ने सोचा के हिम्मत बाला है तो कोई हर्ज नही 500 सैनिको में लेकिन राजा ने पूछा के मच्छर दानी क्यो ..?????
तो चुलबुल ने कहा के जंग जितनी है के नही ??
राजा ने कहा के जितनी है ।
चुलबुल बोला तो ज्यादा सबाल मत करो और जैसा मैं बोलू ऐसा करो नही तो किसी और को भेज दो जंग लड़ने  ।
राजा ने फटाफट 504 मच्छर दानी मगबाई । उसने हर एक सैनिक को एक मच्छर दानी दी और एक खुद ने ली और बाकी तीन अपने दोस्तों को दे दी । ये जंग के मैदान में पहुच गया । उधर देखा के दुसमण हजारो की तादाद में ओर ये सिर्फ 500 लेकिन सैनिक फिर भी खुस है क्यो की बो सोच रहे थे कि हमारे साथ बहुत बड़े योद्धा आये है जो कि अपनी नई तकनीक और चालाकी से हमे जरूर जिताएंगे ।  इसने एलान किया के जब भी मैं कहु तो अपनी अपनी मच्छर दानी ओढ के सो जाना यानी उस मे पूरी तरहा से  छुप जाना । ठीक है ..? तो सेनिको के मन मे तो आया के ये साला मरबायेगा पर बो ये सोच रहे थे कि क्या पता ये नई टेक्निक हो और  ये योद्धा और कुछ करे और हम जीत जाए । तो सब ने हां कह दिया । लेकिन उस के तीनो साथी समझ गए के मरबायेगा साला । इस लिए बो तीनो तो बहाँ से भाग गए । और ये सब से पीछे चला गया । उधर से जब हमले की आबाज आई तो इसने हुकम दिया के अपनी अपनी मच्छर दानी को ओड कर सो जाओ  ।
 जब इनकी तीर खत्म हो जाएंगी तब हम हमला करेंगे ।
सब ने सेनापति का हुक्म माना और ऐसा ही किया ये भी सबसे लास्ट लास्ट में ओड सो गया । फिर उधर से तीरो की बारिश सिरु हुई



 और सैनिक मारने लगे  । कुछ तो फटाफट बच कर भाग गए लेकिन काफी मर भी गए और जब इसने अपने सेनिको मरता देखा तो ये बहाँ से भाग कर एक पेड़ के पीछे छीप गया । इसने कुछ देर बाद पेड़ से परे हट कर देखा तो बहुत से सैनिक हमेसा के लिए सो गए । यानी मर गए । अब इसकी फटने लगी तो ये भी वहाँ से भाग लिया और अपने तीनो दोस्तो के साथ  जा मिला । तो उस से राजेश ने बाल पकड़ कर पूछ के साले तूने ये क्या किया अब तो राजा हमे पाताल से भी ढूढ निकालेगा ओर मार देगा ।
तो चुलबुल ने गुस्से में उस का हाथ हटाया ओर कहा के मेरी क्या गलती है मेने तो अपने दिमाक को दौड़ाया था के साला जब एक मच्छर इस मच्छर दानी में नही घुस सकता तो ये तीर कैसे घुसेगी ?? अब तुम ही बताओ मेने इसमे कौनसी गलती की है ?
राकेस बोला के भाई तूने कोई गलती नही की गलती तो हमने की जो हम तेरे शाथ यहाँ फस गए । अब सब भाड़ में जाने दो भागों यहाँ से ।
ये भागे चले जा रहे थे कि एक बाबा ने एक धुंए का गुब्बारा बना रखा था


और उस के नीचे एक खटोला (खाट जैसी ) बांध रखा था । बो चारो उस बुजुर्ग के पास गए और बोले के बाबा आप ये क्या बना रहे हो ? उन्होंने सैनिकों की डिरेश पहन रखी थी तो बाबा डर गया और बोला के साहेब ये में .... मैं
चुलबुल बोला के बाबा डरो नही हम सैनिक नही है हम तो एक आम आदमी है जो कि यहाँ घूमने आए है । तो बाबा ने कहा के ये मेरी तीश सालो की मेहनत है जो कि मैने उड़ने बाला यंत्र बनाया है लेकिन इसे चेक करने के लिए मुझे आज तक कोई नही मिला और मेरी हिम्मत नही होती । पहले किसी को एक बार उड़ता हुआ देख लू फिर इसे मैं राजा के लिए पेश करूँगा और राजा मुझे खूब सारे इनाम देगा और मैं माला माल हो जाऊंगा ।
तो चुलबुल बोला के बाबा इस मे कितने आदमी एक साथ सफर कर सकते है । बाबा बोला चार या पांच बस इससे ज्यादा नही ।
तो चुलबुल बोला के बाबा इसे हम  चैक कर के देखे क्या । बाबा खुस.......
हाँ हाँ क्यो नही जरूर  । मुझे तो ऐसे ही आदमी की तलाश थी ये सुन कर कर चारो उस के खटोला के ऊपर बैठ गए उस बाबा ने उन्हें उसे चलाने की बिधि बताई । और बाबा बोले के बेटे एक दो चक्कर मार कर बापिस आ जाना ।
अब उन्होंने उड़ना सिरु किया । और उड़ते उड़ते दूर निकाल गए बाबा बिललात रह गया और बो उसे लेकर भाग गए और अपने घर पहुच गए फिर चारो की जान में जान आई ।




उधर बो बाबा उन का आज भी इंताजर कर रहा है .....



☺☺☺☺
( दोस्तो कहानी तो और बड़ी है लेकिन उसे छोटा कर दिया गया है ताकि आप बोर ना हो )

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