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दुनिया की सबसे खतरनाक रस्म और रिबाज़। जिन्हें पड़ कर आप के रोंगटे खड़े हो जाएंगे

दोस्तो दुनिया के हर हिस्से से कोई ना कोई प्राचीन सभ्यता जुड़ी हुई है जो कि आज भी कायम है । इन सभ्यताओ के कुछ रीति रिबाज़ है जिनमे से कुछ तो बिचित्रऔर अजीबो गरीब दिल दहलाने बाले है । आज मैं आपको कुछ ऐसे रीति रिबाज़ों के बारे बताऊंगा जिन्हें पड़ कर आप के रोंगटे खड़े हो जायेगे । जी हाँ दोस्तो बहुत ही खतरनाक । तो चलिए दोस्तो पड़ते है उन रीति रिबाज़ों के बारे में । जिनमे
NO. 1 बॉडी मोडिफिकेशन 




पापुआ न्यूहिनिक कनिग्गारा । ये इन की डरावनी ओर खतरनाक रस्म है । इस मे ये सरीर को खुरचकर डिजाइन बनाते है 

और निसानो को भी कुछ ऐसी चीज़  और इस तरह से बनाते है जिस से यह निसान जीबन भर के लिए बने रह जाते है ।



बही घोस्ट एमरण , यानी आत्माओ के घर नामक रस्म में छोटे बच्चो को आत्माओ के घर मे अकेले दो महीनो के छोड़ दिया जाता है 



। जब बो अगर वहाँ से सही सलामत ओर जिंदा बापस आ जाते है तो उन्हें मर्द बनाने की रस्म निबाहि जाती है  उस रस्म में उन के सरीर में एक बॉस की लकड़ी से छोटे छोटे निसान बनाये जाते है 



यह निसान इस समुदाय में मर्दानगी की निशानी है




No 2 FACE  PIERCING




थाईलैंड  के फुकेत में हर साल एक बेजीटेरिण  फेस्टिबल बनाया जाता है । इस फेस्टिबल में एक रसम निभाई जाती है जो कि बहुत ही दर्दनाक हिंसात्मक  ओर खरनाक तरीके की होती है इस फेस्टिबल में भक्त लोग चाकू भाला सुई तलबार ओर बंदूक जैसी चीज़ों से अपने शरीर मे छेद करते है । 








और उस रस्म में भागीदार होते है इन्हें इस बात पर बिसबास होता है  के ईशबर उनकी रक्छा कर रहे है और उन्हें कुछ नही होने देंगे ।

 NO. 3 ENDOCENNIBILISAM


दोस्तो आपको ये जानकर यकीन तो नही होगा लेकिन ये सच  है के ब्राजील और मेनोजोएला के कुछ आदिबासी के कुछ समुदाय अपने ही म्रत रिस्तेदारो के शब ( लाश ) को खाते है और बचा हुआ  शव को जलाते है 



और जब शब जल जाता है तो उस की बची हुई हड्डी और राख का भी बो सेबन करते है इसके लिए बो केले के सूप का इस्तेमाल करते है । जिस से आसानी से पिया जा सके ।




 ऐसा करने से  जो ब्यक्ति मरा है उस के प्रति जुड़ाब ओर प्यार महसूस करते है ।



NO. 4 Bingee zumping




पेसिफिक डीप समूह पर बल्लेक गांब में एक अजीब रश्म निभाने की परंपरा है । कोल नामक यह परंपरा लेंलैडिंग या  बिनज़ी जम्पिंग कह लाती है इस परंपरा में ग्रामीण लोग ढोल बजाते है और नाचते है और गाते है फिर इसके बाद सबसे खतरनाक काम ये करते है के ये एक लकड़ी का बहुत ऊंचा टाबर बनाते है  ओर उस ऊंचे टाबर से पैरो में रस्सी बांध कर छलांग लगाते है







 । ऐसा ककरने से कई बार इनकी हड्डिया टूटने का भी खतरा रहता है । इन लोगो का ऐसा मानना है के जितनी ऊपर से छलांग लगाई जाती है ईशबर उतना ही ज्यादा उन्हें आसीर्बाद देते है ।



NO. 4 Walking on fire




मलेशिया के पेनांग में नौ देबताओ का त्योहार बनाने की परंपरा है यहाँ की धार्मिक परम्परा के मुताबिक आग के जलते हुआ अंगारो पर चलने का चलन है 





इन लोगो का यह बिसबास होता है के इस आग से निकल कर ये पबित्र हो जाएंगे ओर बुरी आत्माओं से हमेसा के लिए बचे रहेंगे ।
 


NO.5 Aasura 



इस त्योहार को ताज़िया और मुहर्रम के नाम से भी जाना जाता है  । इतिहास के कई  पन्नो में रक्तपात के कई उदाहरण मिलते है । 


दुनिया भर में सिया मुस्लिम पैगम्बर सहाब के पोते हजरत हसन ओर हुसैन की मौत पर सोक ब्यक्त करते है



 । हुसैन की मौत कर्बला के युद्ध मे सतबी सदी में हुई थी ।



 सभी सिया सोक ब्यक्त करते हुए ये महसूस करते है के हम उस युद्ध मे क्यो नही थे अगर हम उस युद्ध मे होते तो उन्हें बचा लेते । सभी सिया इस बात से खुद पर अफसोस  करते  है और  इसी बजह से अपने ऊपर अत्याचार करते है और खुद को लहूलुहान करते है 



इसे हैम अपनी जुबान में ताजिया या मोहर्रम के नाम से भी जानते  है



NO.7 Mezik and hypnotism






गोदूँ पश्चिमी अफ्रीका के एक हिस्से का धर्म है इनकी एक रस्म के अनुसार इस समुदाय के लोग जंगलो में बिना खाने और पानी के रहते है ओर यहाँ ये आत्माओ को खुद को जोड़ते है


 इन का मानना है के आत्मा के आने पर इनका सरीर बेहोस हो जाता है। और उस के बाद ये अपना लक्च्य प्राप्त कर लेते है ।

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महबूब की आँखे....
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