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एक गरीब की दर्दनाक प्रेम कहानी ! A dangerous love story

दोस्तो प्यार कुछ चीज़ ही ऐसी बनाई है खुदा ने के जिस को एक बार हो जाता है ना तो उसे अपने महबूब की हर अदा पसंद आती है । 


महबूब की चाल ,
महबूब की आबाज,
महबूब की आँखे....
दोस्तो उस की तारीफ तारीफ किये जाता है लेकिन बो.....
 जो बाकई अपने महबूब से प्यार करता हो । तो उसे अदा पंसद आती है ।
बर्ना आपको तो खूब पता है के आज के नौ जबानों को क्या पसंद आती है ।
चलो जाने दो हम तो हमारी कहानी पर आते है ।
दोस्तो आज मैं एक ऐसी ही कहानी लाया हूं जिसे सच मे पड़ कर आप बर्दास्त नही कर पाएंगे ।
तो चलो अपनी कहानी पर आते है ।


एक शहर में एक बहुत बड़ा  business man  रहता था जो कि साथ मे नामी गुंडो से मिला जुला था । यानी उस की गिनती दबंगो में होती थी । सब उस से डरते थे । उस की एक लड़की जिस का नाम था रीनू । 






रीनू बहुत ही बदमास और  नटखट किस्म की लड़की थी । जो कि हमेसा किसी को ना किसी को छोटी छोटी बात  पर सजा देती रहती थी । रीनू किसी पर भी दया नही करती थी । क्यो की उसे अपने पापा की इस ताकत पर घमण्ड था । बो इंसान को इंसान नही समझते थे । सब से दादागिरी से बात करना । बही दूसरी तरफ एक लड़का था जिस का नाम था सूरज



 सूरज था तो एक अच्छे परिबार से लेकिन बचपन मे एक कार  एक्सीडेंट में इस के माता पिता की म्रत्यु हो गई  । इसकी दादी ने इसे पाला पोसा था । दादी बेचारी बूढ़ी स्त्री थी



 इस लिए उस ने जहाँ तक हो सका घर के सामान को बेचती थी और खाने का इंतज़ाम करती थी । और जब ये भी खत्म हो गया तो बेचारी कुछ छोटा मोटा काम करती और खाने का इंतज़ाम करती । पर जब बो बिल्कुल भी बूढ़ी हो गई और अब उस के बिल्कुल भी बस की नही रही कुमाने कि तो उसने सूरज को एक जूस की दुकान पर गिलास धोने पर  और छोटा मोटा काम करने पर लगा दिया ।



 सूरज को उस दुकान पर काम करते करते पांच साल हो गए और अब सूरज सत्रह साल का हो गया था । अब बो जबान हो गया । एक दिन एक लड़की जिस का नाम रीनू था अपनी एक सहेली के संग उस सूरज की दुकान पर ही जुयूस पीने आती है उस समय दुकान पर सूरज और एक औऱ लड़का उस पर काम कर रहा था तो रीनू ।बड़ी बत्तमीजी से उस से जुयूस की बोलती  है ।


सूरज ज्यूस बना रहा था और उस लड़के ने ज्यूस उन्हें दिया । रीनू ने  एक घूट पिया और  बो ज्यूस का गिलास उस लड़के के मुह पर फेंक कर मारा ।और बोली के ..
सालो ये ज्यूस तुम्हारी माँ को पलाओ । इतना बकबास ....
सूरज ने जब ये सब देखा तो सूरज से रहा ना गया और सूरज ने दुकान से बाहर निकलकर उस लड़की को एक जोरदार तमाचा मार दिया । और उस के बाल पकड़ कर बोला के तेरी जगह आज कोई लड़का होता ना तो सायद ही बो अपने पैरों से चल कर जाता । सुक्र कर तू लड़की है ।
और तू लड़की है तो लड़कियो की तरह रह ।
बर्ना तेरा मुह बदल दूंगा ।
ये सब देखकर लोगो की भीड़ लग गई क्यो की सब लोग जानते थे  कि ये एक बहुत बड़े पैसेवाले और दाबंग आदमी की लड़की है अब सूरज तो गया काम से ।
उस लड़की ने भी सूरज को मरबाने की धमकी दे डाली और चली गई ।
फिर बहुत से लोगो ने राय दी के तू अब ये दुकान छोड़ दे । और कहि दूर चला जा बर्ना उस का पिता अब तुझे जिंदा नही छोड़ेगा । ये बात दुकान के मालिक को पता लग गई के सूरज ने दबंग की लड़की को झापट मार दिया है तो बो जल्दी से दुकान पर आया और उस ने सूरज को उस दुकान से हटा दिया ।
सूरज अपने घर चला गया । उधर रीनू ये बात भूल नही पा रही थी के एक दो टके के लड़के ने उसे तमाचा मारा । बो ये बात अपने पापा को बताना नही चाह रही थी और बेसे भी उस पापा इस बक्त कहि और जगह बिज़निस कर रहे थे । तो बो उस का जबाब खुद ही देना चाह रही थी । इस लिए उस ने पचास  हजार रुपये लिए और चल दी एक गुंडो के गिरोह के पास सूरज की सुपारी देने । उन गुंडो के पास पहुच कर उसने उस सूरज को मारने के लिए पचास हजार रुपये दिए । लेकिन गुंडे तो आखिर गुंडे ही होते है जब उस ने रीनू को देखा तो उन्होंने उसे अपनी हबास का शिकार बनाना चाहा ...।
और रीनू को छेड़ना सिरु कर दिया । रीनू उनके इरादे को समझ गई और बहाँ से भागने लगी । तो गुंडे भी उस के पीछे भागने लगे । रीनू भागती भागती सूरज के घर के पास पहुच गई लेकिन हैरान होने की बजह से गिर गई । फिर गुंडो ने उसे चारो तरफ से घेर लिया और उस के कपड़े फाड़ने लगे । तो रीनू ने चिल्लाना सिरु किया । गरीबो की बस्ती थी और बो गुंडे भी खतरनाक थे इस लिए किसी की बचाने की हिम्मत नही हो रही थी ।लेकिन ये आबाज जब सूरज के कानों में पड़ी तो बो भागता हुआ आया और उन गुंडो को उस से हटा कर दूर फेका । फिर उस ने अपना कोट उतार कर रीनू को पहनाया और रीनू को एक तरफ बैठाया । फिर लगा उन गुंडो को मारने और इतना बुरा मारा के बो मुश्किल से उठ पा रहे थे । रीनू को अपनी गलती का अहसास हो गया था और ये समझ मे भी आ गया था के सूरज हर इंसान के लिए अपनी जान को भी जोखिम में डाल देता है ।
सूरज ने रीनू को उसके घर पहुचाया पर रीनू ने ये बात भी किसी को पता नही लगने दी । और उस ने अपने कपड़े बदले लेकिन उसे अब ये बात सताए जा रही थी के उसे मेरा इतना जुल्म करने बाबजूद भी उसने मुझे बचाया ...???
और ऐसा लगने लगा था जैसे रीनू को कुछ कुछ होने लगा हो ।
दूसरे दिन रीनू जानपूछ कर उसी दुकान पर ज्यूस पीने चली गई तो देखती है के उस दुकान पर सिर्फ बो ही लड़का है लेकिन सूरज नही है
रीनू ने उस लड़के से सूरज के बारे पूछा ..??
तो बो लड़का बोला के उसे हमारे मालिक ने काम से हटा दिया है
रीनू उस दुकान के मालिक के पास पहुची और बोली के अगर तूने आज की तारीख में सूरज को उस दुकान पर नही लगाया तो तेरी दुकान हमेसा के लिए बंद करा दूंगी । उसे कैसे भी और किसी भी हाल में लेकर आओ।
मालिक घबरा कार बोला मेडम गलती हो जाती है उसे माफ कर दो ।
रीनू बोली के इसी लिए तो आई हूं के मेने उसे माफ कर  दिया  अब आप भी माफ कर दो । और उसे फिर से आपकी दुकान पर लगा लो ।
मालिक के कुछ समझ नही आया तो उसने पूछा के ये आप बोल रही हो ...?
जी हाँ मैं बोल रही हु ...! लेकिन आप उस से बोलना मत के उसे मेने लगबाया है बर्ना बो नही आएगा ...।
तो मालिक ने सूरज को दुकान पर फिर से लगा लिया और  और फिर से उस की दुकान सिरु हो गई ।
एक दिन सूरज दुकान पर था के रीनू आ गई और जुयूस लिया । फिर उस ने पीया पैसे दिए और तारीफ भी करी ।
और हल्की सी मुस्कुराहट देकर बो चली गई ।
सूरज के कोई फर्क नही पड़ता के ये क्या हुआ और कैसे हुआ ।
लेकिन ये बात तो तय है के रीनू उस के प्यार में पागल हो गई ।
दूसरे दिन रीनू उस दुकान पर फिर आई और यही अंदाज़ । फिर उस ने उस लड़के को बुलाया जो उस दुकान पर सूरज के साथ काम करता था और उस से सूरज का मोबाइल नम्बर ले लिया ।
और उस ने फिर घर जाकर सूरज को फोन किया । और उस से फिर इजहारे इश्क किया यानी उसे बताया दिया कि बह उससे प्यार करती है और बो उस के लिए जान भी दे सकती है । फिर उस ने सूरज को एक जगह आने को कहा और नही आया तो बह नदी में कूद कर खुदखुसी कर लेगी । सूरज ने अब भी उस की बातों हल्के में लिया और उस की बातों पर बिसबास नही किया । और फिर आपने काम मे लग गया । लेकिन उस ने ये बात उस लड़के को बता दी जो उसके साथ काम करता था तो लड़के ने उस से जाने की बोली के सूरज भैया आप चले जाओ ये लड़कियां उल्टे दिमाक की होती है पता नही क्या कर बैठे । तो सूरज ने उसे भी चुप पाड दिया और काम करने को कहा । लेकिन वह नही माना और सूरज को भेझ कर ही माना । उधर रीनू को इंतज़ार करते करते पूरे दो घण्टे हो गए और उसने दो घण्टे का ही टाइम दिया था । रीनू अब मारने के इरादे से नदी की तरफ बढ़ने लगे और किनारे पर जाकर छलांग लगाने लगी ऐसे ही उस का हाथ सूरज ने पकड़ लिया और उसे अपनी तरफ खींचा ...!
और उसे सीने से लगा लिया । और उस से बोला के तू प्यार बयार के चक्कर मे ना पड़ ।
 मेरे पास तुझे दुख के सिबाय देने को और कुछ नही है । मैं गरीब हु ।
तो रीनू बोली के प्यार में अमीरी गरीबी नही चलती बस प्यार की दौलत चलती है और मुझे तुम पसन्द हो चाहे आप कैसा भी रखो मैं खुसी से रह लुंगी ।
इन बातों को सुनकर सूरज को भी उस पर प्यार आ गया लेकिन सायद बो ये भूल गया के ये एक नामी गुंडा और दबंग आदमी कि बेटी है ।
धीरे धीरे दोनों की मुहब्बत बढ़ती चली गई । अब तो दोनों एक दूसरे के बिना नही रह सकते । कुछ महीनों बाद रीनू की सगाई के लिए उनके पापा ने एक रिस्ता देखा । और बो आने बाले थे । कि रीनू को ये बात पता लग गई और सोचने लगी के अगर मेने ये सगाई कर ली और बाद में सूरज के साथ शादी करूँगी तो मेरे पिताजी की ज्यादा बदनामी उससे अच्छा तो यह है के मै अभी सूरज के साथ भाग जाऊ । और उस ने सूरज को फोन किया और सारी बारदात बता दी और कह दिया के अब हम को ये सहर छोड़ना  होगा आप का कोई दोस्त बोस्त हो तो बहाँ चलते है  सूरज ने अपने दिमाक को दौड़ाया तो उसे याद आया के उस का केबल एक दोस्त है जो कि दिल्ली में है । उन्होंने दिल्ली जाने के लिए अब तैयारी सिरु कर दी । लेकिन जाने से पहले रीनू ने ये घर छोड़कर जाने की बात अपनी सहिली को बता दी । दूसरे दिन दोनों चोरी छुपे बहाँ से भाग निकले । और दिल्ली उस दोस्त के पास पहुच गए । दिल्ली पहुच कर पता लगा के उस का जो दोस्त है फोन पर तो लंबी लंबी बाते करता है लेकिन जब असल मे पता लगा तो बो एक छोटी सी झोपड़ी में रहता है लेकिन उस के सुंदर होने की बजह से लडकिया उस का खर्चा उठा रही है । और बो सूरज को देखकर घबरा गया के अचानक ...???
तो सूरज ने उसे सारी कहानी बता दी और उन के लिए किराये से घर दिलाने की बात कही ...।
बो उन्हें एक जगह ले गया जहां किराये से घर मिलते थे । लेकिन बो शादीसुदा ना होने की बाझह से बहुत मुश्किल से कमरा ले पाए । लेकिन मिल गया ।
उधर रीनू के पिता को जब से बात पता लगी तो उसने पूरे शहर को उठा दिया  पूरी पुलिस फोर्स को दौड़ा दिया । और जहाँ सूरज काम करता था बहाँ के मालिक और जितने भी लड़के उस पर काम करते थे सब को उठबा दिया और हर बो जगह जहां रीनू जाती थी जहां बात करती थी जितने भी उस के दोस्त थे ऐसे ही सुराज के दोस्तो  को पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया । चारो तरफ कहोराम सा मच गया था । सब से पूछ ताछ होने के बाद सब को जाने दिया सिर्फ दो जनों को रख लिया एक तो उस ज्यूस बाले लड़के को और दूसरी रीनू की दोस्त को उनहे तरहा तरहा से डराया गया लेकिन उन्होंने अपनी अपनी जबान ना खोली  तो रीनू के पिता ने गुस्से में अपनी बंदूक निकाली और रीनू की सहिली के सर पे लगा दी । तो उस रीनू के चाचा ने उसे हटाया और उस की सहिली से कहा के बेटा इसने तीन दिन से खाना नही खाया है और इस कि माँ रो रो कर मरी जा रही । हमे उस से कोई एतराज नही के उसने एक गरीब लड़के को पसन्द  किया है बल्कि मैं आपसे जुम्मेदारी लेता हूं के  उनकी सादी अच्छी तरह कराएंगे । और उन से कुछ भी नही कहेंगे ।  फिर  बो लड़की कुछ सोचने लगी फिर बोली के क्या आप सचमुच उनसे कुछ नही कहेंगे ...???
है बेटा सचमुच पिरोमिस ....
तो उस की सहिली ने उनको दिल्ली का और  जहाँ सूरज का दोस्त रहता था बहाँ का पता दे दिया । बो तो ठहरे एक नामी गुंडे तो उन्होंने कम से कम पचास गाड़िया ली और दिल्ली के लिए राबाना हो गए । सारी गाड़िया एक तरफ रुक गई और उस के दोस्त के पास सिर्फ उसके चाचा गए और बड़े ही सीधे तरीके से कहा के बेटा तेरा दोस्त हमारी बच्ची को भगा कर ले आया है हमे उस का पता बता दे । हम तुमसे बादा करते है के उससे कुछ नही कहेंगे । बल्कि उनकी सादी करा देंगे । जहाँ बो अच्छी तरहा से ज़िन्दगी काट सके और खुस रह सके ऐसे तो बो कहां तक लड़ेंगे इस जमाने से ।
तो उस के दोस्त ने उन का पता उन्हें बताया दिया । उनका चाचा जब उनके घर पहुचा तो उन दोनों के होश उसे देखकर उड़ गए  । क्या करे कुछ समझ मे नही आ रहा था ।
तो इतने में उनका चाचा बोला के बेटी डरने की कोई बात नही मुझे पता है तुम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हो और एक दूसरे के बिना नही रह सकते इस लिए हम ने ये फैसला लिया है के हम तुम्हारी आपस मे शादी करा दे ...!
इस लिए तुम घर चलो हमने पूरा बन्दोबस कर रखा है । बो उन्हें ऐसे बहला कर के ले आये और घर लाकर उन्होंने सूरज को मारना सिरु किया । सूरज ने भी कुछ टक्कर ली लेकिन कहाँ तक लेता बेचारा बो तो कम से कम सैकड़ो की तादाद
में थे । तो सूरज को चारों तरफ से पकड़ लिया गया और उस पर फिर तलबार से बार किया गया । सूरज के कम से कम दस बार तलबार घुसेड़ने के बाद सूरज ने अपने प्रान त्यागदिये । रीनू बेचारी चिल्लाती रही और कोसिस करती रही उसे बचाने की लेकिन बो कुछ ना कर सकी क्यो की उसे भी पकड़ के रखा हुआ था ।
रीनू ये सब देखकर बेहोस हो गई और जब होस आया तो बो ना जाने क्या बकती हुई चल दी । कोई उसे रोकता तो कहती के मेरे सूरज का फोन आया मुझे उससे मिलने जाना है । मुझे जाने दो...!
बो अब किसी को भी नही पहचान रही थी। यानी अब रीनू पागल हो गई । उसकी मा ने जल्दी से उसे रोका तो बोलती है के माँ आप हट जाओ मेरे सूरज ने मुझे फोन किया है नही तो बो चला जायेगा । उस की माँ और कुछ लोग उसे पकड़ कर घर मे ले गए । लेकिन उस के मुह  पर तो हमेसा ही एक रट ही लगी रहती मेरा सूरज ....
बहुत से अस्पतालों में दिखा लिया लेकिन कुछ भी फर्क नही पड़ा । एक दिन उस के कमरे का बो ताला लगाना भूल गए इस से बो भाग निकली और सड़कों पर सूरज सूरज चिल्लाती फिर रही थी । उस के घर बालो को पता लगा तो उसे पकड़ कर ले आये । और कुछ दिन रही फिर मौका देखकर भाग निकली । ऐसे जब भी उसे मौका मिलता बो घर से भाग जाती । एक बार जब बो उस घर से भागी तो उस के पापा ने उसे  लाने से मना कर दिया । उसकी माँ चिल्लाती रही लेकिन उसे अब नही लाया गया ।रीनू सड़को पर चिल्लाती फिरती के किसी ने मेरे सुरज  को देखा क्या । कभी किसी की गाड़ी रकबा कर और उससे बोलती के आपने मेरे सुरज को देखा मेरा पति था बो ये मंगलसूत्र उसी ने मुझे पहनाया । ना जाने कहा छोड़ कर चला गया बो मुझे ..????
सब उस का माजाक उड़ाते और आगे बढ़ जाते ।ऐसे ही ऐसे रीनू को सात महीने गुजर गए । अब उस का ये हाल है के फाटे हुए कपड़े बाल बिखरे हुए एक पैर में चप्पल है एक मे नही है । और जहाँ भी कोई खड़ा मिलता है तो उससे एक सबाल पूछती है बस के आपने मेरे सुरज को देखा  क्या।
इन्ही दिनों के चलते एक लड़का रीनू के शहर में अपनी पढ़ाई पूरी करने आया । जिस का नाम था राज । राज एक गांब में रहता था ।


 ये एक दयालु और गरीबो का मसीहा था । इस बेचारे की एक ये प्रोबलम थी के इस कि सकल बिल्कुल सूरज से मिलती थी । एक दिन ये अपना बैग टांगे हुए अपने कॉलेज से आ रहा था । की रीनू की नज़र इस पर पड़ी और भागती हुई आई और सूरज सूरज कह कर उस के लिपट गई । राज ने जल्दी से उसे हटाया । और बोला के कौन हो आप कौन सुरज .....? रीनू उसे बार बार पकड़ रही थी और बो अपनी जान बचाते हुए भाग रहा था । फिर राज एक बस में बैठ कर बहाँ से भाग गया ।
और दिल को तसल्ली दे रहा था के ये तो पागल है । दूसरे दिन जब राज अपने कॉलेज जा रहा था तब फिर बो रास्ते मे मिल गई लेकिन उसने राज को नही देखा और राज ने उसे देख लिया और राज एक पेड़ के पीछे छुप गया उसने देखा कि रीनू कुछ बड़बड़ा रही है जब उसने पास जाकर और गौर से सुना तो वह कह रही है कि किसी ने मेरे सूरज को देखा क्या किसी ने मेरे सूरज को देखा क्या पता ना जाने कहां चला गया सब उसे पागल पागल कहकर दूर भाग रहे हैं  राज सोचने लगा कि सूरज कौन है और बार-बार सूरज के बारे में क्यों पूछ रही है इसके बारे में किसी से पूछना पड़ेगा और वह एक पान वाले की दुकान पर एक बात पूछने के लिए गया कि दुकान पर गया और पूछा के चाचा यह लड़की कौन है और ये बार बार सूरज सूरज क्यो कह रही है ...? क्या इसके सुराज ने इसे छोड़ दिया ..?
या फिर इसे दोखा दे दिया ..?
तो पान बाले ने कहा के मार दिया उसे ...!
राज:- किसने और क्यो ..???
पान बाला :- क्यो की उसने एक बहुत बड़ा गुन्हा किया था ..!
राज:- गुन्हा किया था? लेकिन क्या गुन्हा किया था..?
पान बाला :- उसने प्यार किया था प्यार ....
और उसे प्यार करने के जुर्म में इस लड़की के बाप ने तलबार से काट काट  कर मार डाला ।
और ये लड़की उस सदमे जो बर्दाश्त नही कर पाई और पागल हो गई.....
राज :- लेकिन चाचा प्यार करना तो कोई गुन्हा थोड़ेई है अगर ऐसा होता तो ईशबर इस प्यार को इंसान के अंदर डालता ही नही ।
पान बाला :- बेटे इस बात को ये बहसि दरिंदे क्या जाने के आखिर प्यार क्या होता है ।
अपनी ही बेटी को सड़कों पर देखकर इनकी माथे की लाखीर भी नही उभरती होगी। इन्हें अपनी बेटी को सड़कों पर देखकर थोड़ा भी रहम नही आता होगा।
राज :- चाचा एक बात और ...
के ये मुझे सूरज क्यो बोल रही आखिर मुझ से सूरज का क्या रिस्ता है ?
पान बाला :- बेटा उसे ही नही सिरु में मैं ही तुझे देखकर सोच में पड़ गया क्यो की तेरी सकल बिल्कुल सुरज से मिलती है । राज की बस आ जाती है और बो बहाँ से चला जाता है लेकिन राज फिर एक लंबी सोच में डूब गया । और उस के बारे सोचता रहा के कब कॉलेज गया कब आया कुछ पता ही नही चला ।राज के दिल मे अब उसके लिए एक ह्मदर्दी सी जागने लगी । एक साम को राज उसे देखने के लिए घर से निकला तो उसने देखा के बो एक कचरे के ढेर में खाना तलाश कर रही है । तो राज जल्दी से एक दुकान पर गया और उसके लिए खाना लाया जब राज इसके पास खाना देने गया तब उसने अपना मुह को ढक लिया । और उसके हाथों में खाना थमा दिया और दूर जाकर खड़ा हो गया । रीनू जल्दी जल्दी खाने लगी क्यो की ना कब से भूखी थी बेचारी । राज की आखों में आँशु आ गए । फिर राज घर आ गया । हर दिन की तरह राज अपनी बस का इंतज़ार कर रहा था के उसकी नज़र फिर रीनू पर पड़ी और रीनू हर रोज की तरह अपने हाथ मे मंगलसूत्र लेकर लोगो से सूरज के बारे में पूछती फिर रही थी कि अचानक रीनू की निगाह उस के चाचा पर पड़ी जो कि एक कार मे बैठा हुआ था । रीनू ने जब उसे देखा तो एक जुनून सा सबार हो गया और हाथ मे पत्थर उठा कर उस कार को मारना सिरु किया इस से कार का सीसा टूट गया फिर उस कार में से उस का चाचा और कुछ गुंडे उतरे ।उन्होंने रीनू को पकड़ा और उस के सामने उस का चाचा आया तो रीनू ने रोते हुए कहा के चाचा मेरा सूरज कहा है ।
तो चाचा ने कहा के मर गया तेरा तेरा सूरज ...
रीनू को गुस्सा आया और उसने अपने चाचा के मुह पर थूक दिया ।
इस पर उसके चाचा ने गुंडो को आदेश दिया के मारो इसे खत्म कर दो ....
जो साला ये हमारी बदनामी का किस्सा ही खत्म हो जाये ।
जब गुंडो ने उसे बहुत बेरहमी से मारना सिरु किया तो राज इसे बर्दाश्त नही कर सका और भाग कर पहले तो उसके चाचा में एक लात मारी फिर उन चारों को एक तरफ फेका और फिर इनको मारना सिरु किया । उसके चाचा ने जब राज को देखा तो घबरा गया क्यो की बो सुरज जैसा दिखता था । और अपने प्राण बचाकर बहाँ से भाग निकला । राज ने उन चारों को बहुत बुरा पीटा फिर बे भी बेचारे गिरते पड़ते भागे ।
राज ने रीनू को देखा तो ये बेहोस हो गई थी उसे जल्दी से अस्पताल ले गया । रीनू ने जब आँखे खोली तो राज को अपने सामने पाया लेकिन बो उसे सुरज समझती थी ।और बोली
सूरज.........!!!!
कहाँ चला जाता है मुझे तू छोड़कर मैं कितनी अकेली हो गई हूं देख जरा । क्या हाल हो गया है मेरा
राज की आखों में आंसू आ गए और बोला कोई बात नही आइंदा तुझे छोड़कर नही जाऊंगा । अब में तेरा ख्याल रखूंगा । ठीक है ।
उधर उसका चाचा रीनू के पापा के पास पहुचता है और पूरी दाशतां सुनाता और बोलता है के अब बो हमे ज़िंदा नही छोड़ेगा ।
उधर सुरज की दादी को जब ये बात पता लगती है के रीनू का अब ये हाल है और बो अस्पताल में है तो बो भी उस से मिलने अस्पताल पहुच जाती है सुराज की सकल बाले राज को देखकर सोच में पड़ जाती है और राज से पूछती है के आप कौन हो तो राज कहता है के मेरा नाम राज है और मै इसे अस्पताल लेकर आया हु ।
अच्छा .....
और आप कौन हो माता जी?
तो दादी बोली के में उस बदनसीब की दादी हु जिस को इस के घर बालो ने मौत के घाट उतार दिया और रोने लगी तो राज ने उसे बिठाया पानी दिया ।
राज :- दादी क्या मेरी सकल सुरज से मिलती है
दादी:- हँ बेटा बहुत मिलती है एक बार तो मैं भी आपको सुरज समझ  बैठी थी ।
इतने में रीनू का पापा बहुत से गुंडो के साथ उसे मारने आता है और उन्हें अस्पताल के बहार घेर लेता है
और उन पर हमला कर देता ।  राज भी उन से अकेला ही लड़ता है और इस लड़ाई में राज  रीनू के चाचा को  मार देता लेकिन कोई आदमी उस के पीछे से एक सरिये की दे देता है जिस से राज बेहोस हो जाता है  । रीनू का पिता उसे भी मारने के लिए तलबार  निकालता है और उस मे घुसेड़ने लगता है तो राज के अंदर सुरज की आत्मा आ जाती है और फिर बो उस तलबार को पकड़ लेता है और उस तलबार को तोड़कर फेक देता है उसके बहुत से गुंडे उस पर हमला करते है लेकिन सब को बुरी तरह से मारता । सब गुंडे उसे छोड़कर भाग जाते है राज रीनू के पिता को पकड़ कर उस टूटी तलबार को उठा कर उस के सीने में डाल देता है जिस से बो मार जाता है ।
फिर रीनू को उर राज को सूरज की दादी अपने घर ले आती है । रीनू इस हादसे के बाद ठीक हो जाती है लेकिन इस से राज को पुलिस ले जाती है और जब राज सजा काटकर आता है तो दोनों में प्यार बढ़ जाता है और इसी प्यार के बढ़ते बो आपस मे शादी कर लेते है । और फिर दोनों खूब खुसी के साथ जिंदगी गुजरते है                             THE END
【और भी अच्छी अच्छी कहानी सायरी और अपनी ज़िंदगी से जुड़ी कुछ अहम बाते जानने के लिए हमारी साइट Www.hindikhani.con किलिक करके और पाए बहुत कुछ 】
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