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मजलूम की बद्दुआ फिर खुदा का कहर

दोस्तो गरीबी एक ऐसी चीज़ है जिसे सिर्फ गरीब ही बता सकता है के गरीबी क्या चीज़ है । गरीब की फरियाद को कोई नही सुनता । हर काम मे गरीब को पीछे खड़ा किया जाता है उसे काम कराया जाता है और जब  अपनी मेहनत मांगता है तो हम उस के काम मे नकल निकलने लगते लगते है । दोस्तो बक्त हर इंसान का एक जैसा नही होता है । बदलता रहता है  ....
और किसी ने क्या खूब कहा है के

    ,,   मत सता किसी गरीब को , ये गरीब रो देगा ।     और गरीब की सुन ली उस खुदा के तो तू अपनी हस्ती खो देगा । ,,

दोस्तो आज की कहानी एक ऐसे ही गरीब की है जिसे पड़ कर आप सायद नम हो जाएंगे ।
दोस्तो बात बहुत पुरानी है लेकिन सच है । के मुल्तान के अंदर एक बहुत ही रहीस परिबार रहता था । जिनके पास एक गरीब परिबार नौकर के रूप में काम करता था । पर  दिल का बहुत अच्छा सीधा साधा था । एक दिन उस गरीब के घर मे कोई फंग्सन था जिस के कारण बो अपने मालिक के घर काम करने नही जा सके थे  । उन्होंने कुछ छोटा मोटा खाना बनाया और मिठाई में बेसन के लड्डू बनाये थे । जब सब लोग खाना खा  चुके और दूसरे दिन जब बो अपने मालिक के घर गए । उन का मालिक जिस का नाम था कासिम बो बड़ा ही दिलदार इंसान था लोगो पर दया करने बाला था । जब बो बहाँ गए तो उन के मालिक ने उन से कुछ नही कहा और खुसी से उन का तोफा ( बेसन के लड्डू ) को कुबूल कर लिया । लेकिन मालकिन उन के एक दिन के ना आने पर बड़ी ही गुस्से में थी और बो जो लड्डू थे अपने पति के हाथ से छीन कर फेंक दिए । और उन्हें मार पीट कर काम से निकाल दिया और दूसरे नौकर को लगा लिया । इस से पहले की कासिम कुछ कहता उस ने खुद को मारने की धमकी दी । जिस से बो कुछ नही बोल सका । बो बेचारे अपने घर आ गए । लेकिन सायद खुदा को ये बात पसन्द नही आई और अब उस औरत पर  खुदा का कहर टूटा । जब दुपहर हुई और बो जब खाने के लिए बैठे । उन के सामने खाना लाया गया । कासिम ने खाना सिरु कर दिया लेकिन जब उस औरत ने खाने को हाथ लगाया ऐसे ही उस खाने में कीड़े पड़ गए , खाने से बहुत बुरी बदबू आने लगी  


 । बो खाने की जिस चीज़ को भी हाथ लगाती उस मे कीड़े पड़ जाते और खतरना बदबू आने लगती ।  उन की हालत खराब होने लगी । क्यो की उस ने सारे खाने को हाथ लगा दिया था तो पूरा खाना बदबू मारने लगा।  अब जो भी खाना उस के सामने लाया जाता और बो उस के जैसे ही हाथ लगाती तो उस मे से बदबू मारने लगती और कीड़े पड़ जाते । घर का पूरा खाने का सामान था बो सब इसी तरह हाथ लगाने से सड़ गया था । उस के चक्कर मे बेचारा कासिम और भूका मर रहा था । क्यो की बो उसे अब ऐसे हाल में अकेला नही छोड़ सकता था । बो उसे लेकर बहाँ से चल दिया और अपने एक बहुत ही जिगरी दोस्त के यहां चला गया जो कि बहुत रहीस था । बहाँ जाकर इस ने भूक का इज़हार किया तो इस दोस्त ने बहुत तरह का खाना और मेबे उन के खाने के लिए पेस कराये । कासिम ने सोचा के यदि इन के सामने इस ने हाथ लगाया और ये खाना खराब हो गया तो मेरी इज़्ज़त खराब हो जाएगी । और मेरा दोस्त मुझे यहाँ से भगा सकता है । तो कासिम बोला के दोस्त ये मेरी बेगम बड़ी सरमीली है ये किसी के सामने खाना नही खाती । अगर आप बुरा ना मानो तो कुछ देर के लिए हमे अकेला छोड़ दो और हमे जब किसी चीज़ की जरूरत पड़ेगी तो मैं आबाज दे लूंगा । दोस्त को इस बात से कोई एतराज नही हुआ और उसने अपने सारे नौकरो को बहार आने का हुक्म दिया और और उन्हें अकेला छोड़ दिया । कासिम ने पहले उस से खाने के लिए कहा और जब उस की बीबी ने खाने को जैसे ही हाथ लगाया तो उस खाने में से बदबू आने और कीड़े पड़ने सिरु हो गये । बो जिस प्लेट को भी हाथ लगाती उस प्लेट में से बदबू आने लगती और कीड़े पड़ जाते । ऐसे ही ऐसे कर के सारी प्लेटो में कीड़े पड़ जाते । कासिम ने जल्दी से सारा खाना इखट्टा किया और उसे पीछे की खिड़की से बहार फेक दिया आज फिर उन्होंने पानी से काम चलाया । कासिम अपनी बेगम से इतनी मुहब्बत करता था के उस से पहले खाना नही खाता था । तो बेचारा बो भी भूक से परेशान । उन्होंने नौकरो को आबाज लगाई और सारी प्लेट हटाने का हुक्म दिया । नौकरो ने ताज़्ज़ुब उनकी तरफ देखा कि इतना सारा खाना और ये कैसे खा गए होंगे । कासिम के दोस्त ने जब उन्हें गंदा सा देखा तो उसने उन्हें नहाने का इज़हार किया । तो कासिम की बेगम नहाने के लिए ( गुसल खाना )बाथरूम में नहाने की लिए गई । उससे थोड़ी देर पहले कासिम के दोस्त की बेगम नहा कर निकली थी उस ने अपना नौ लखा हार जो बहुत ही महंगा था बाथरूम में ही भूल गई ।


 कासिम की बेगम जब नहाने के लिए घुसी और कुंदी लगाई तो देखती है के जिस खूटी से बो हार लटका हुआ था उस खूटी ने अचानक ही उस हार को निगल लिया और बो हार वँहा से गायब बेगम ने जब ये सब देखा तो उस के होश उड़ गए । बो बिना नहाये जल्दी से बहार निकली और कासिम को आबाज दी कासिम जल्दी से उस के पास तो उसने सारी दास्तान सुना दी । कासिम अब टेंसन में आ गया के यदि हम इस बात को  और लोगो को बताएंगे तो कोई हम पर बिसबास भी नही करेंगे और हमे चोर समझ कर हमे बदनाम करेंगे जो अलग.....!  जेल में भी डाल सकते है । तो बो वहां से चुपके से भाग लिए और बहुत दूर निकल गए । उधर जब उस रहीस की बीबी को अपना हार याद आया तब बो उसे लेने गई और जब खूटी देखती तो उस पर हार नही था उस की बेगम जल्दी से अपने सोहर ( पति ) को बुलाती है और कहती है के आपका दोस्त मेरा नौ लखा हार लेकर भाग गए  ।
  तो उसने कहा के ये झूट है मेरा दोस्त ऐसा नही कर सकता बहां ही देखो कहि पड़ा होगा ।
बेगम = मेने सब जगह देख लिया है मुझे कहि नही मिला । बो ही लेकर गए है । अगर बो नही लेते तो यहाँ से क्यो चोरी छुपे भागते?
उस रहीस को कुछ समझ मे नही आ रहा था क्यो की उसे अपने दोस्त पर पूरा बिसबास था । लेकिन उस ने सच्चाई का पता करने के लिए अपने कुछ सेनिको को उसे ढूंढ कर लाने के लिए कहा । उधर बो चलते चलते एक नदी के किनारे पहुच गए उन्होंने बहां पानी पिया और बैठ गए लेकिन अब उनकी हालत ये थी के अगर उन्हें एक दिन और खाना नही मिला तो उनकी मौत हो सकती है । अब उस की बेगम को सारी गलती का अहसास हो गया और उसने बो नौकरानी के साथ गलत ब्यभार करने बाली  बात अपने पति बताई और माफी का इज़हार किया ।
कासिम ने अपना मुंह आसमान की तरफ किया और फिर नदी के किनारे से कुछ गीली मट्टी ली और उस के दो चार मोठे मोठे लड्डू बनाये और उन्हें अपने सामने रखा फिर अपनी बेगम से कहा के अपने रब ( ईशबर ) से माफी मानगो और दुआ मानगो । बो दोनो हाथ उठा कर और रो रो कर माफी मांगने लगे । इतना रोये इतना रोये के आसुओ से उनका दमन भीग गया । तो अचानक ही उन्हें बहुत अच्छी खुसबू आने लगी । ऐसी खुसबू उन्होंने अपने जीबन में कभी नही सूंघी । जब उन्होने अपनी नजर सामने की तो देखते है की जो मिट्टी के लड्डू थे बो देसी घी और फुल मेबा मिस्ठान के बन गए थे ।






 उस बेगम ने कहा के आप भी भूखे हो सायद ये दोबारा खराब हो जाये क्या पता ? इससे अच्छा है के पहले आप खा लो उसके बाद मैं कहा लूंगा ...!
तो कासिम ने कहा के ये नेमत हमे खुदा की तरफ से मिली है  अब हमारा खुदा हमसे राजी हो गया है पहले आप ही नोश्त फरमाए (खाये)  । बेगम ने डरते डरते उस के हाथ लगया तो कुछ भी नही हुआ ! उन्होंने जब उसे खाया तो ऐसा खाना उन्होंने पूरी जिंदगी में नही खाया । खाने से जैसे ही फ्री हुए इतने में बो रहीस दोस्त के सैनिको ने उन्हें गिरप्तार कर लिया । कासिम ने बो बचे हुए लड्डू जल्दी से एक कपड़े में डाले और उन सेनिको के साथ चल दिया  । कासिम उस रहीस दोस्त के पास गया तो उस पूरे महल में उन लड्डूओ की खुसबू फेल गई । इस से पहले की कासिम कुछ बोलता उस रहीस ने उस खुसबू के बारे पूछा जो कि बड़ी जोरो से आ रही थी । तो उसने बो पोटली उस के सामने की । रहीस ने जब उस मे से चखा तो बो उस का दबाना हो गया । और बोला के आप मेरे महल की सारी दौलत ले लो लेकिन मुझे ये बता तो की ये चीज़ कहां मिलती है । कासिम ने अपने रहीस दोस्त को सिरु से end  तक का पूरा किस्सा सुनाया । उस की बेगम फिर गुसलखाने (बाथरूम ) में गई और उस खूटी की तरफ देखा तो बह हार उसी जगह लटका हुआ था । उसे अपने गलती का अहसास हो गया । उधर कासिम की बेगम को भी अपनी गलती का अहसास हो गया और अब बो इतनी सरीफ हो गई के जब तक किसी गरीब को खाना नही ख़िलादेती बो खाना नही खाती थी ।
तो दोस्तो आब सायद आप समझ गए होंगे कि चाहे गरीब का कोई साथी नही होता  । लेकिन उस का साथी ईशबर रहता है और जब ईशबर अपनी सजा सुनाता है तो आदमी की रूह कॉफ उठती है । इस लिए दोस्तो अगर आप गरीब से कुछ लेना  चाहते हो तो उससे सिर्फ दुआ लो ... बद्दुआ नही  ! क्यो की मज़लूम की बद्दुआ कभी खाली नही जाती ।
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महबूब की आँखे....
दोस्तो उस की तारीफ तारीफ किये जाता है लेकिन बो.....  जो बाकई अपने महबूब से प्यार करता हो । तो उसे अदा पंसद आती है ।
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