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स्वच्छ भारत अभियान

दोस्तो साफ रहना आज कल कौन पसन्द नही करता , लेकिन साफाई बो नही जो हम अपने घर तक ही सीमित रखते है । सफाई बो होती है जो हम अपने आँगन अपने मुहल्ले में और अपने सहर में देखना चाहते है । लेकिन आज कल के लोग ऐसे है जो अपने घर को साफ कर के समझते है कि हमारा घर साफ है तो देश साफ है । दोस्तो हम जब अपने देश की सफाई के बारे में सोचेंगे तब जाकर हमारा देश में फर्क पड़ेगा । और कोई आपसे ये नही कहता के पूरा देश साफ करो बस अपने शहर के बारे में थोड़ा सोच लो देश अपने आप साफ हो जाएगा ।
में आपके सामने एक कहानी लेकर आया हु जो कि एक ऐसी बच्ची की है जो कि बहरी और गूँगी है लेकिन उसने लोगो को कुछ ऐसा पाठ पढ़ाया के पूरा शहर चमकने लगा ।
एक लड़की जिस का नाम था सोनम । बो बचपन से ही गूँगी और बहरी थी लेकिन बो बहुत भोली थी । सोनम पाचबी कक्षा में पड़ती थी । स्कूल में रोजाना उन्हें सफाई के बारे समझाया जाता था । सोनम को कुछ आबाज भी नही आती के टीचर क्या पड़ा रहा है लेकिन बो सिर्फ चित्रो और टीचर के इसरो से अपने पाठ को समझती थी । सोनम सुबह 10 बजे स्कूल आती और 5 बजे बापस जाती । एक दिन सोनम अपने स्कूल से घर आ रही थी तो सड़क किनारे कुछ लोग दारू पी रहे थे । और उन्होंने दारू पी कर बोतल सड़क पर फेंक दी । सोनम ने जब से देखा तो जल्दी से अपने नन्ने नन्ने पैरो आई और उन कंचो को इकट्ठा किया और एक अच्छी सी मुस्कान उन लोगो की तरफ दी और उन कांच के टुकड़ों को कूड़े दान में डाल दिया ।
दूसरे दिन भी जब सोनम अपने स्कूल से बापस आ रही थी तो फिर बही लोगो बही बैठ कर दारू पी रहे थे【 बो भी कोई काम करते मगर 5 बजे फ्री होने के बाद बही बैठ कर अपने पैसे बर्बाद करते 】और उन्होंने फिर बही पहले बाली हरकत की तो सोनम ने जल्दी जाकर उन टुकड़ो को उठाया और एक प्यार भरी मुस्कान उन की तरफ दी और कचरा कूड़ेदान में डाला ।
तीसरे दिन भी सोनम जब स्कूल से आ रही थी तो बही पहले बाली हरकत । सुनम ने मुस्करा कर उन टुकड़ो को उस कूड़ेदान में डाल दिया ।
चौथे दिन सोनम की तबियत ज्यादा खराब हो गई जिस के कारण वह स्कूल नही जा सकी । लेकिन उस के मन मे चिंता थी के अगर में बहाँ नही गई तो बो कांच के टुकड़े किसी को हानि पहुचा देंगे । इस लिए जैसे ही 5 बजने को आये तो सोनम उठ कर उस जगह चल दी । अब सोनम की तबियत में भी फर्क था । बो वँहा पहुचती है तो बो ये देख कर दंग रह जाती है के  बो चारो बहाँ बैठे तो है लेकिन कांच के टुकड़े सड़क पर नही है । और ऐसा लगता है मानो बो चारो सोनम का ही इंतज़ार कर रहे हो । बो सोनम को देख कर उस के पास आते है और पूछते है " बेटी आपका नाम क्या है
तो सोनम ने अपने कान और मुह की तरफ इशारा कर के उन्हें समझाया के ना ही तो बो बोल सकती है और ना ही बो सुन सकती है ।
तो उन्होंने एक गुड्डा जो कि बो सोनम के लिए लाए थे सोनम को दिया और सोनम के सिर पर हाथ फेरते हुए बोला के बेटी आप ने हमे स्वच्छता के साथ साथ हमे अपने जीबन का भी पाठ पढ़ा दिया , आज के बाद हम कभी दारू नही पियेंगे । इतना कह कर बह सोनम को उसके घर छोड़कर चले गए ।
दूसरे दिन जब सोनम स्कूल के लिए जा रही थी और वह एक घर के सामने से निकलने लगी तो एक आंटी ने अपने दूसरे छत के मकान से कुछ कचरा सड़क पर फेंका । तो सोनम ने बिना अपने कपड़ों की परबा किये उस कचरे को उठाने लगी , आंटी इतने में अपने घर से और कचरा लेकर बहार आई और जैसे ही फेकने लगी तो देखती है पहले ही एक मासूम बच्ची उस के कचरे को बीन बीन कर कूड़ेदान में डाल रही है बो ये देख कर एक सर्म महसूस करती है और ऊपर से नीचे आकर बो कचरा कूड़ेदान में डालती है और बाकी कचरे को भी सोनम के साथ बीन कर कूड़ेदान में डालती है । उस आंटी ने सोनम के सर पर हाथ फेरते हुए कहा क्या नाम है बेटी आपका ..?
तो सोनम ने अपने कान और मुह के तरफ इशारा करते हुए कहा के बह गूँगी और बहरी है । आंटी ने उसे इसरो में समझाते हुए बोला के अब के बाद बह कचरा कूड़ेदान में ही डालेगी । सोनम मुस्कुराते चल दी ।
सोनम अपने स्कूल में पहुच गई । स्कूल में जब किसी बच्चे का जन्म दिन होता है तो बो चॉकलेट बंटता है और उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ था तो सारे बच्चो को प्राथना स्थल पर ही चॉकलेट बांटी गई । सारे बच्चे अपनी अपनी चॉकलेट खा कर और चॉकलेट की पॉलिथीन को बही पटक कर अपनी अपनी किलास की तरफ जाने लगे तो सोनम रुक गई और जब बो कुछ दूर चले गए तो वो सारी टॉफी की पॉलिथीन उठाने लगी । उन में से कुछ बच्चो ने जब ये देखा तो बो बापस मुड़े और सोनम के साथ उठाने लगे । फिर और कुछ बच्ची को पता लगा तो बो भी बापस आकर उठाने लगे ऐसे सारे बच्चो को पता लगा तो उन्होंने पॉलिथीन के साथ साथ सारा बहाँ का कचरा साफ साफ कर दिया । ये देख कर बहाँ के प्रिंनसीपल ने सोनम को इनाम भी दिया । अब ये बात धीरे धीरे बहार फेल गई और सफाई बढ़ती गई ....बढ़ती गई ....बढ़ती गई...
और पहले मोहल्ला साफ हुआ फिर सहर साफ हुआ और फिर पूरा देश साफ हुआ ....
और ऐसे उस बच्ची में कमाल कर के देखया ।

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